18 January 2020

षटतिला एकादशी कब है 2020 | एकादशी तिथि व्रत पारण का समय व शुभ मुहूर्त | Shattila Ekadashi 2020

षटतिला एकादशी कब है 2020 | एकादशी तिथि व्रत पारण का समय व शुभ मुहूर्त | Shattila Ekadashi 2020 #EkadashiVrat

shattila ekadashi vrat kab hai
shattila ekadashi vrat
वैदिक विधान कहता हैं की, दशमी को एकाहार, एकादशी में निराहार तथा द्वादशी में एकाहार करना चाहिए। सनातन हिंदू पंचांग के अनुसार सम्पूर्ण वर्ष में 24 एकादशियां आती हैं, किन्तु अधिकमास की एकादशियों को मिलाकर इनकी संख्या 26 हो जाती हैं। प्रत्येक एकादशी का भिन्न भिन्न महत्व होता हैं तथा प्रत्येक एकादशीयों की एक पौराणिक कथा भी होती हैं। एकादशियों को वास्तव में मोक्षदायिनी माना गया हैं। भगवान श्रीविष्णु जी को एकादशी तिथि अति प्रिय मानी गई हैं चाहे वह कृष्ण पक्ष की हो अथवा शुकल पक्ष की। इसी कारण एकादशी के दिन व्रत करने वाले प्रत्येक भक्तों पर प्रभु की अपार कृपा-दृष्टि सदा बनी रहती हैं, अतः प्रत्येक एकादशियों पर हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले भगवान श्रीविष्णु जी की पूजा करते हैं तथा व्रत रखते हैं, साथ ही रात्री जागरण भी करते हैं। किन्तु इन प्रत्येक एकादशियों में से एक ऐसी एकादशी भी हैं जिसके व्रत के दिन “तिल” का विशेष रूप से छ: प्रकार से उपयोग किया जाता हैं। जो की इस प्रकार हैं-

1- तिल से स्नान करना
2- तिल का उबटन लगाना
3- तिल से हवन करना
4- तिल से तर्पण करना
5- तिल का भोजन करना तथा
6- तिलों का दान करना
इस प्रकार, तिलों का छह प्रकार से उपयोग करने के कारण माघ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी कहा जाता हैं। अपने नाम के अनुसार यह व्रत तिलों से जुडा हुआ हैं, तिल का महत्व सर्वव्यापक हैं तथा हिन्दु धर्म में तिल अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। पूजा में भी तिल का विशेष महत्व होता हैं। माघ मास में शरद ऋतु अपने चरम पर होती हैं तथा यह मास के अंत के साथ ही सर्दियाँ जाने लगती हैं। इस मौसम में तिलों का व्यवहार अत्यंत बढ़ जाता हैं क्योंकि तिल का सेवन सर्दियों में अत्यंत लाभदायक रहता हैं। अतः स्नान, दान, तर्पण, आहार आदि में तिलों का विशेष महत्व होता हैं। जो जातक इस एकादशी का व्रत करता हैं, उसे यथासंभव तिलों से भरा घडा़, लोटा, या गिलास उचित ब्राह्मण को दान करना चाहिए। ऐसी मान्यता हैं की, इस एकदशी के दिन जातक जितने तिलों का दान करेगा उतने ही हज़ार वर्ष तक वह स्वर्गलोक का अधिकारी रहेगा।

षटतिला एकादशी व्रत का पारण

एकादशी के व्रत की समाप्ती करने की विधि को पारण कहते हैं। कोई भी व्रत तब तक पूर्ण नहीं माना जाता जब तक उसका विधिवत पारण ना किया जाए। एकादशी व्रत के अगले दिवस सूर्योदय के पश्चात पारण किया जाता हैं।

ध्यान रहे,
१- एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पूर्व करना अति आवश्यक हैं।
२- यदि द्वादशी तिथि सूर्योदय से पूर्व समाप्त हो रही हो तो एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के पश्चात ही करना चाहिए।
३- द्वादशी तिथि के भीतर पारण ना करना पाप करने के समान माना गया हैं।
४- एकादशी व्रत का पारण हरि वासर के दौरान भी नहीं करना चाहिए।
५- व्रत तोड़ने के लिए सबसे उपयुक्त समय प्रातःकाल का होता हैं।
६- व्रत करने वाले श्रद्धालुओं को मध्यान के दौरान व्रत तोड़ने से बचना चाहिए।
७- जो भक्तगण व्रत कर रहे हैं उन्हें व्रत समाप्त करने से पूर्व हरि वासर समाप्त होने की प्रतिक्षा करनी चाहिए। हरि वासर द्वादशी तिथि की पहली एक चौथाई अवधि होती हैं।
८- यदि जातक, कुछ कारणों से प्रातःकाल पारण करने में सक्षम नहीं हैं, तो उसे मध्यान के पश्चात पारण करना चाहिए।


इस वर्ष माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 19 जनवरी, रविवार की मध्य-रात्रि 02 बजकर 50 मिनिट से प्रारम्भ हो कर, 20 जनवरी, सोमवार की मध्य-रात्रि 02 बजकर 05 मिनिट तक व्याप्त रहेगी।

अतः इस वर्ष 2020 में षटतिला एकादशी का व्रत 20 जनवरी, सोमवार के दिन किया जाएगा।
               
इस वर्ष, षटतिला एकादशी व्रत का पारण अर्थात व्रत तोड़ने का शुभ समय, 21 जनवरी, मंगलवार की प्रातः 08  बजकर 02 मिनिट से 09 बजकर 21 मिनिट तक का रहेगा।

10 January 2020

चन्द्र ग्रहण 2020 सूतक समय | चन्द्र ग्रहण कब लगेगा | Chandra Grahan 2020 | Lunar Eclipse January

चन्द्र ग्रहण 2020 सूतक समय | चन्द्र ग्रहण कब लगेगा | Chandra Grahan 2020 | Lunar Eclipse January

chandra grahan 10 jan 2020 time
chandra grahan sutak

ग्रहण के समय इस मंत्र का जाप करें
ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै

हिन्दु धर्म और चन्द्र ग्रहण

सनातन हिन्दु धर्म के अनुसार चन्द्रग्रहण एक धार्मिक घटना हैं जिसका धार्मिक दृष्टिकोण से विशेष महत्व हैं। जो चन्द्रग्रहण खुली आँखों से स्पष्ट दृष्टिगत न हो तो उस चन्द्रग्रहण का धार्मिक महत्व नहीं होता हैं। केवल प्रच्छाया वाले चन्द्रग्रहण, जो कि नग्न आँखों से दृष्टिगत होते हैं, ऐसे चंद्रग्रहण धार्मिक कर्मकाण्ड हेतु विचारणीय होते हैं।
ज्योतिष तथा खगोलीय शास्त्र में किसी भी ग्रहण को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता हैं। चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन तथा सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन होता हैं। ज्योतिष शास्त्रियों तथा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण तब होता हैं जब राहु तथा केतु सूर्य एवं चन्द्रमा का ग्रास करते हैं। स्कन्द पुराण के अवन्ति खंड के अनुसार उज्जैन राहु तथा केतु की जन्म भूमि हैं, अर्थात सूर्य तथा चन्द्रमा को ग्रसित करने वाले यह दोनों छाया ग्रह उज्जैन में ही जन्मे थे।
कृपया ध्यान दें-
जब चन्द्र ग्रहण मध्यरात्रि अर्थात 12 बजे से पूर्व लग जाता हैं किन्तु मध्यरात्रि के पश्चात समाप्त होता हैं अर्थात जब चन्द्र ग्रहण अंग्रेजी कैलेण्डर में दो दिनों का अधिव्यापन करता हैं, तो जिस दिन चन्द्रग्रहण अधिकतम रहता हैं उस दिन की दिनांक चन्द्रग्रहण हेतु दर्शायी जाती हैं। ऐसी स्थिति में चन्द्रग्रहण की उपच्छाया तथा प्रच्छाया का स्पर्श पिछले दिवस अर्थात मध्यरात्रि से पूर्व हो सकता हैं।
चन्द्रग्रहण आपके नगर में दर्शनीय नहीं हो किन्तु दूसरे देशों अथवा शहरों में दर्शनीय हो तो कोई भी ग्रहण से सम्बन्धित कर्मकाण्ड नहीं किया जाता हैं। किन्तु यदि मौसम के कारण चन्द्रग्रहण दर्शनीय न हो तो ऐसी स्थिति में चन्द्रग्रहण के सूतक का अनुसरण किया जाता हैं तथा ग्रहण से सम्बन्धित सभी सावधानियों का पालन किया जाता हैं।

चन्द्र ग्रहण विवरण

इस वर्ष 10 जनवरी 2020 के रात्रि पौष पूर्णिमा का चन्द्र ग्रहण हैं।
उपच्छाया चन्द्र ग्रहण
प्रच्छाया में कोई ग्रहण नहीं है।
उपच्छाया ग्रहण खाली आँख से नहीं दिखेगा।
उपच्छाया से प्रथम स्पर्श -
10 जनवरी 2020
रात्रि 10:39
परमग्रास चन्द्र ग्रहण
मध्यरात्रि 12:39
उपच्छाया से अन्तिम स्पर्श
मध्यरात्रि 02:40
उपच्छाया चन्द्र ग्रहण का परिमाण
0.89

ग्रहण का सूतक समय - लागू नहीं है।


यह चंद्रग्रहण प्रत्येक राशि के जातकों को इस प्रकार फल प्रदान करेगा।
मेष - मिश्र            वृष    - अशुभ
मिथुन - मिश्र        कर्क - शुभ
सिंह - मिश्र          कन्या - अशुभ
तुला - शुभ          वृश्चिक - मिश्र
धनु - अशुभ         मकर - अशुभ
कुंभ - शुभ           मीन - शुभ

07 January 2020

प्रदोष व्रत कब है | प्रदोष व्रत कैलेंडर 2020 | Pradosh Vrat 2020 List | Pradosh Vrat Dates 2020

प्रदोष व्रत कब है | प्रदोष व्रत कैलेंडर 2020 | Pradosh Vrat 2020 List | Pradosh Vrat Dates 2020 #PradoshVrat
pradosh vrat 2020 dates in hindi
pradosh vrat 2020 
        प्रदोषम मंत्र
।। ॐ पञ्चवक्त्राय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ।।

सनातन हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि के दिन किया जाता है। इस दिन भगवान शिव एवं देवी पार्वती माँ की पूजा की जाती है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है एवं मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। प्रत्येक मास में दो प्रदोष व्रत शुक्ल पक्ष एवं कृष्ण पक्ष आते हैं।

        प्रदोष व्रत के लाभ

1)   सोमवार के दिन व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
2)   मंगलवार के दिन व्रत रखने से बीमारीयों से राहत मिलती है।
3)   बुधवार के दिन प्रदोष व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं एवं इच्छाएं पूर्ण होती है।
4)   गुरुवार को व्रत रखने से दुश्मनों का नाश होता है।
5)   शुक्रवार को व्रत रखने से शादीशुदा जिंदगी एवं भाग्य अच्छा होता है।
6)   शनिवार को व्रत रखने से संतान प्राप्त होती है।
7)   रविवार के दिन व्रत रखने से अच्छी सेहत एवं उम्र लम्बी होती है।

शिव मन्दिरों में सायंकाल के समय प्रदोषम मंत्र का जाप किया जाता है।

        प्रदोषम मंत्र

।। ॐ पञ्चवक्त्राय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ।।

प्रदोष व्रत की सूची 2020

प्रदोष पूजा का समय

08 जनवरी, बुधवार
प्रदोष व्रत शुक्ल
17:51 से 20:28

22 जनवरी, बुधवार
प्रदोष व्रत कृष्ण
18:04 से 20:42

07 फरवरी, शुक्रवार
प्रदोष व्रत शुक्ल
18:12 से 18:30

20 फरवरी, गुरुवार
प्रदोष व्रत कृष्ण
18:21 से 20:54

07 मार्च, शनिवार
शनि प्रदोष व्रत शुक्ल
18:28 से 20:58

21 मार्च, शनिवार
शनि प्रदोष व्रत कृष्ण
18:37 से 20:59

05 अप्रैल, रविवार
प्रदोष व्रत शुक्ल
19:25 से 21:02

20 अप्रैल, सोमवार
सोम प्रदोष व्रत कृष्ण
18:47 से 21:01

05 मई, मंगलवार
भौम प्रदोष व्रत शुक्ल
18:55 से 21:06

19 मई, मंगलवार
भौम प्रदोष व्रत कृष्ण
18:57 से 21:05

03 जून, बुधवार
प्रदोष व्रत शुक्ल
19:08 से 21:12

18 जून, गुरुवार
प्रदोष व्रत कृष्ण
19:10 से 21:17

02 जुलाई, गुरुवार
प्रदोष व्रत शुक्ल
19:15 से 21:18

18 जुलाई, शनिवार
शनि प्रदोष व्रत कृष्ण
19:12 से 21:21

01 अगस्त, शनिवार
शनि प्रदोष व्रत शुक्ल
19:06 से 21:17

16 अगस्त, रविवार
प्रदोष व्रत कृष्ण
18:57 से 21:08

30 अगस्त, रविवार
प्रदोष व्रत शुक्ल
18:40 से 21:01

15 सितम्बर, मंगलवार
भौम प्रदोष व्रत कृष्ण
18:25 से 20:51

29 सितम्बर, मंगलवार
भौम प्रदोष व्रत शुक्ल
18:11 से 20:39

14 अक्तूबर, बुधवार
प्रदोष व्रत कृष्ण
17:59 से 20:27

28 अक्तूबर, बुधवार
प्रदोष व्रत शुक्ल
17:46 से 20:22

13 नवम्बर, शुक्रवार
प्रदोष व्रत कृष्ण
17:38 से 17:57

27 नवम्बर, शुक्रवार
प्रदोष व्रत शुक्ल
17:37 से 20:17

12 दिसम्बर, शनिवार
शनि प्रदोष व्रत कृष्ण
17:38 से 20:21

27 दिसम्बर, रविवार
प्रदोष व्रत शुक्ल
17:47 से 20:28

Pradosh Vrat List 2020

Pradosh Puja Time

08 January, Wednesday
Pradosh Vrat Shukla
17:51 to 20:28

January 22, Wednesday
Pradosh Vrat Krishna
18:04 to 20:42

07 February, Friday
Pradosh Vrat Shukla
18:12 to 18:30

February 20, Thursday
Pradosh Vrat Krishna
18:21 to 20:54

07 March, Saturday
Shani Pradosh Vrat Shukla
18:28 to 20:58

March 21, Saturday
Shani Pradosh Vrat Krishna
18:37 to 20:59

05 April, Sunday
Pradosh Vrat Shukla
19:25 to 21:02

April 20, Monday
Som pradosh vrat krishna
18:47 to 21:01

05 May, Tuesday
Bhum pradosh vrat shukla
18:55 to 21:06

19 May Tuesday
Bhum pradosh vrat krishna
18:57 to 21:05

03 June, Wednesday
Pradosh Vrat Shukla
19:08 to 21:12

18 June Thursday
Pradosh Vrat Krishna
19:10 to 21:17

02 July, Thursday
Pradosh Vrat Shukla
19:15 to 21:18

July 18, Saturday
Shani Pradosh Vrat Krishna
19:12 to 21:21

August 01, Saturday
Shani Pradosh Vrat Shukla
19:06 to 21:17

August 16, Sunday
Pradosh Vrat Krishna
18:57 to 21:08

August 30, Sunday
Pradosh Vrat Shukla
18:40 to 21:01

September 15, Tuesday
Bhum pradosh vrat krishna
18:25 to 20:51

September 29, Tuesday
Bhum pradosh vrat shukla
18:11 to 20:39

14 October, Wednesday
Pradosh Vrat Krishna
17:59 to 20:27

October 28, Wednesday
Pradosh Vrat Shukla
17:46 to 20:22

13 November, Friday
Pradosh Vrat Krishna
17:38 to 17:57

27 November, Friday
Pradosh Vrat Shukla
17:37 to 20:17

12 December, Saturday
Shani Pradosh Vrat Krishna
17:38 to 20:21

27 December, Sunday
Pradosh Vrat Shukla
17:47 to 20:28

05 January 2020

एकादशी कब है | Ekadashi Vrat 2020 | Ekadashi Kab hai | Ekadashi Kab ki hai 2020 | Ekadashi Dates 2020

एकादशी कब है | Ekadashi Vrat 2020 | Ekadashi Kab hai | Ekadashi Kab ki hai 2020 | Ekadashi Dates 2020

ekadashi vrat kab ki hai list dates 2020
ekadashi vrat list 2020

2020 एकादशी उपवास कब है?

06 जनवरी, सोमवार
पौष पुत्रदा एकादशी
पौष शुक्ल एकादशी

20 जनवरी, सोमवार
षटतिला एकादशी
माघ कृष्ण एकादशी व्रत

05 फरवरी, बुधवार
जया एकादशी
माघ शुक्ल एकादशी व्रत

19 फरवरी, बुधवार
विजया एकादशी
फाल्गुन कृष्ण एकादशी व्रत

06 मार्च, शुक्रवार
आमलकी एकादशी
फाल्गुन शुक्ल एकादशी व्रत

19 मार्च, गुरुवार
पापमोचिनी एकादशी
चैत्र कृष्ण एकादशी व्रत

20 मार्च, शुक्रवार
वैष्णव पापमोचिनी एकादशी
चैत्र कृष्ण एकादशी व्रत

04 अप्रैल, शनिवार
कामदा एकादशी
चैत्र शुक्ल एकादशी व्रत

18 अप्रैल, शनिवार
बरूथिनी एकादशी
वैशाख कृष्ण एकादशी व्रत

03 मई, रविवार
मोहिनी एकादशी
वैशाख शुक्ल एकादशी व्रत

04 मई, सोमवार
गौण-वैष्णव मोहिनी एकादशी
वैशाख शुक्ल एकादशी व्रत

18 मई, सोमवार
अपरा एकादशी
ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी व्रत

02 जून, मंगलवार
निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी व्रत

17 जून, बुधवार
योगिनी एकादशी
आषाढ़ कृष्ण एकादशी व्रत

01 जुलाई, बुधवार
देवशयनी एकादशी
आषाढ़ शुक्ल एकादशी व्रत

16 जुलाई, गुरुवार
कामिका एकादशी
श्रावण कृष्ण एकादशी व्रत

30 जुलाई, गुरुवार
श्रावण पुत्रदा एकादशी
श्रावण शुक्ल एकादशी व्रत

15 अगस्त, शनिवार
अजा एकादशी
भाद्रपद कृष्ण एकादशी व्रत

29 अगस्त, शनिवार
परिवर्तिनी/पार्श्व एकादशी
भाद्रपद शुक्ल एकादशी व्रत

13 सितम्बर, रविवार
इन्दिरा एकादशी
आश्विन कृष्ण एकादशी व्रत

27 सितम्बर, रविवार
पद्मिनी एकादशी
अधिक मास शुक्ल एकादशी व्रत

13 अक्तूबर, मंगलवार
परम एकादशी
अधिक मास कृष्ण एकादशी व्रत

27 अक्तूबर, मंगलवार
पापांकुशा एकादशी
आश्विन शुक्ल एकादशी व्रत

11 नवम्बर, बुधवार
रमा एकादशी
कार्तिक कृष्ण एकादशी व्रत

25 नवम्बर, बुधवार
देवउठनी/प्रबोधिनी/देवोत्थान एकादशी
कार्तिक शुक्ल एकादशी व्रत

26 नवम्बर, गुरुवार
गौण-वैष्णव देवउठनी/प्रबोधिनी/देवोत्थान एकादशी
कार्तिक शुक्ल एकादशी व्रत

10 दिसम्बर, गुरुवार
उत्पन्ना एकादशी
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी व्रत

11 दिसम्बर, शुक्रवार
गौण-वैष्णव उत्पन्ना एकादशी
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी व्रत

25 दिसम्बर, शुक्रवार
मोक्षदा एकादशी
मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी व्रत


Ekadashi Vrat Calendar 2020

06 January, Monday
Paush Putrada Ekadashi
Paush Shukla Ekadashi

January 20, Monday
Shatila Ekadashi
Magh Krishna Ekadashi fast

05 February, Wednesday
Jaya Ekadashi
Magh Shukla Ekadashi fast

19 February, Wednesday
Vijaya Ekadashi
Phalgun Krishna Ekadashi fast

06 March, Friday
Amalki Ekadashi
Phalgun Shukla Ekadashi fast

March 19, Thursday
Papamochini Ekadashi
Chaitra Krishna Ekadashi fast

March 20, Friday
Vaishnav Papamochini Ekadashi
Chaitra Krishna Ekadashi fast

04 April, Saturday
Kamada Ekadashi
Chaitra Shukla Ekadashi fast

April 18, Saturday
Baruthini Ekadashi
Vaishak Krishna Ekadashi fast

03 May, Sunday
Mohini Ekadashi
Vaishak Shukla Ekadashi fast

04 May, Monday
Minor-Vaishnav Mohini Ekadashi
Vaishak Shukla Ekadashi fast

May 18, Monday
Apara Ekadashi
Jyeshtha Krishna Ekadashi fast

02 June, Tuesday
Nirjala Ekadashi
Jyesht Shukla Ekadashi fast

17 June, Wednesday
Yogini Ekadashi
Ashadh Krishna Ekadashi fast

01 July, Wednesday
Devshayani Ekadashi
Ashadh Shukla Ekadashi fast

July 16, Thursday
Kamika Ekadashi
Shravan Krishna Ekadashi fast

July 30, Thursday
Shravan Putrada Ekadashi
Shravan Shukla Ekadashi fast

August 15, Saturday
Aja Ekadashi
Bhadrapada Krishna Ekadashi fast

August 29, Saturday
Transitional / lateral Ekadashi
Bhadrapad Shukla Ekadashi fast

13 September, Sunday
Indira Ekadashi
Ashwin Krishna Ekadashi fast

27 September, Sunday
Padmini Ekadashi
More Mass Shukla Ekadashi fast

October 13, Tuesday
Param Ekadashi
More month Krishna Ekadashi fast

October 27, Tuesday
Papankusha Ekadashi
Ashwin Shukla Ekadashi fast

11 November, Wednesday
Rama Ekadashi
Kartik Krishna Ekadashi fast

25 November, Wednesday
Devauthani / Prabodhini / Devotthan Ekadashi
Kartik Shukla Ekadashi fast

26 November, Thursday
Secondary Vaishnav Devauthani / Prabodhini / Devotthan Ekadashi
Kartik Shukla Ekadashi fast

10 December, Thursday
Utpana Ekadashi
Margashirsha Krishna Ekadashi fast

11 December, Friday
Secondary Vaishnav Utpana Ekadashi
Margashirsha Krishna Ekadashi fast

25 December, Friday
Mokshada Ekadashi
Margashirsha Shukla Ekadashi fast

२०२० एकादशी उपवास कब है?

Putrada Ekadashi पुत्रदा एकादशी
Shattila Ekadashi षट्तिला एकादशी
Jaya Ekadashi जया एकादशी
Vijaya Ekadashi विजया एकादशी
Amalaki Ekadashi आमलकी एकादशी
Papmochani Ekadashi पापमोचिनी एकादशी
Kamada Ekadashi कामदा एकादशी
Varuthini Ekadashi वरूथिनी एकादशी
Mohini Ekadashi मोहिनी एकादशी
Apara Ekadashi अपरा एकादशी
Nirjala Ekadashi निर्जला एकादशी
Yogini Ekadashi योगिनी एकादशी
Devshayani Ekadashi देवशयनी एकादशी
Kamika Ekadashi कामिका एकादशी
Putrada Ekadashi पुत्रदा एकादशी
Aja Ekadashi अजा एकादशी
Padma Ekadashi पद्मा एकादशी
Indira Ekadashi इंदिरा एकादशी
Adhik Maas Ekadashi अधिक मास एकादशी
Papankusha Ekadashi पापांकुशा एकादशी
Rama Ekadashi रमा एकादशी
Devutthana Ekadashi देवोत्थान एकादशी
Utpanna Ekadashi उत्पन्ना एकादशी
Mokshada Ekadashi मोक्षदा एकादशी
Saphala Ekadashi सफला एकादशी



Enter you Email