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31 October 2023

करवा चौथ व्रत का चांद कितने बजे निकलेगा | शुभ मुहूर्त | Karwa Chauth Vrat ka Shubh Muhurat 2023 | Aaj Chand kitne baje niklega

करवा चौथ व्रत का चांद कितने बजे निकलेगा | शुभ मुहूर्त | Karwa Chauth Vrat ka Shubh Muhurat 2023 | Aaj Chand kitne baje niklega 

Karwa Chauth Vrat Muhurat 2023
Karwa Chauth Vrat ka Shubh Muhurat 2023


          हे श्री गणेश भगवान्, हे माँ गौरी,

जिस प्रकार करवा को चिर सुहागन का वरदान प्राप्त हुआ,

वैसा ही वरदान संसार की प्रत्येक सुहागिनों को प्राप्त हो।

 

करवा चौथ सनातन हिन्दु धर्म का एक प्रमुख पर्व हैं। यह त्यौहार पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के साथ-साथ सम्पूर्ण भारत-वर्ष में भिन्न-भिन्न विधि-विधान तथा भिन्न-भिन्न परंपराओं के साथ धूमधाम से मनाया जाता हैं। करवा चौथ को करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ शरद पूर्णिमा से चौथे दिवस अर्थात कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के शुभ दिवस मनाया जाता हैं। वहीं गुजरात, महाराष्ट्र तथा दक्षिणी भारत में करवा चौथ आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता हैं। तथा अङ्ग्रेज़ी कैलेंडर के अनुसार यह पर्व अक्तूबर या नवंबर के महीने में आता है। करवा चौथ के व्रत में सम्पूर्ण शिव-परिवार अर्थात शिव जी, पार्वती जी, नंदी जी, गणेश जी तथा कार्तिकेय जी की विधिपूर्वक पूजा करने का विधान हैं। करवा या करक मिट्टी के पात्र को कहा जाता हैं, जिससे चन्द्रमा को जल अर्पण किया जाता है, जल अर्पण करने को ही अर्घ्य देना कहते हैं।

करवा चौथ का पावन व्रत सौभाग्यवती स्त्रियाँ अपने पति की दिर्ध आयु तथा अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए रखती हैं तथा अविवाहित कन्याएँ भी उत्तम जीवनसाथी की प्राप्ति हेतु करवा चौथ के दिवस निर्जला उपवास रखती हैं तथा चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही अपने व्रत का पारण करती हैं। यह व्रत प्रातः सूर्योदय से पूर्व ४ बजे से प्रारम्भ होकर रात्रि में चंद्र-दर्शन के पश्चात ही संपूर्ण होता हैं। पंजाब तथा हरियाणा में सूर्योदय से पूर्व सरगी के साथ इस व्रत का शुभारम्भ होता हैं। सरगी करवा चौथ के दिवस सूर्योदय से पूर्व किया जाने वाला भोजन होता हैं। जो महिलाएँ इस दिवस व्रत रखती हैं उनकी सासुमाँ उनके लिए सरगी बनाती हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान में इस पर्व पर गौर माता की पूजा की जाती हैं। गौर माता की पूजा के लिए प्रतिमा गौ - माता के गोबर से बनाई जाती हैं।

 


आज हम आपको इस विडियो के माध्यम से बताते हैं, कारवाँ चौथ व्रत की पूजा का अत्यंत शुभ मुहूर्त तथा भारत के प्रत्येक प्रमुख नगरों में करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय-

 

करवा चौथ के दिवस चंद्रमा उदय होने का समय प्रत्येक महिलाओं के लिए अत्यंत विशेष महत्वपूर्ण होता हैं, क्योंकि वे अपने पति की दिर्ध आयु के लिये सम्पूर्ण दिवस निर्जल व्रत रहती हैं तथा केवल उदित सम्पूर्ण चन्द्रमाँ के दर्शन करने के पश्चात ही जल ग्रहण कर सकती हैं। यह मान्यता हैं कि, चन्द्रमाँ को देखे बिना यह व्रत पूर्ण नहीं माना जाता हैं तथा कोई भी महिला कुछ भी खा नहीं सकती हैं ना ही जल ग्रहण सकती कर हैं। करवा चौथ व्रत तभी पूर्ण माना जाता हैं जब महिला उदित सम्पूर्ण चन्द्रमाँ को एक छलनी में घी का दीपक रखकर देखती हैं तथा चन्द्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति के हाथों से जल ग्रहण करती हैं।

 

करवा चौथ व्रत

इस वर्ष, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 31 अक्तूबर, मंगलवार की रात्रि 09 बजकर 30 मिनिट से प्रारम्भ हो कर, 01 नवंबर, बुधवार की रात्रि 09 बजकर 19 मिनिट तक व्याप्त रहेगी।

 

अतः इस वर्ष 2023 में करवा चौथ का व्रत 01 नवंबर, बुधवार के दिन किया जाएगा।

तथा यह व्रत प्रातः 06:33 से साँय 20:16 तक रखना चाहिए।

 

करवा चौथ के व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 01 नवंबर, बुधवार की साँय 05 बजकर 38 मिनट से 06 बजकर 54 मिनट तक का रहेगा।

करवा चौथ पर चन्द्रमा मॄगशिरा नक्षत्र तथा मिथुन राशि में रहेंगे। जिसका कारक बुध ग्रह होता है, जो की पति-पत्नी के मध्य अटूट प्रेम का कारक है।

 

करवाचौथ के दिवस चन्द्रमाँ का उदय भारतवर्ष में 08 बजकर 16 मिनट पर होने का अनुमान हैं। तथा आपके नगर में करवा चौथ पर चन्द्रोदय का अनुमानित समय कुछ इस प्रकार से हैं -

 

भारत के प्रमुख नगरों में करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय इस प्रकार रहेगा।

अहमदाबाद - 08:35 पर चंद्रोदय होगा।

दिल्ली - 08:10 पर चंद्रोदय होगा।

लखनऊ - 07:58 पर चंद्रोदय होगा।

कोलकाता - 07:34 पर चंद्रोदय होगा।

मुंबई - 08:42 पर चंद्रोदय होगा।

जयपुर - 08:19 पर चंद्रोदय होगा।

बैंगलोर - 08.31 पर चंद्रोदय होगा।

चेन्नई - 08:22 पर चंद्रोदय होगा।

वाराणसी – 07:54 पर चंद्रोदय होगा।

नडियाद - 9:03 पर चंद्रोदय होगा।

गाज़ियाबाद - 08:09 पर चंद्रोदय होगा।

गुरुग्राम - 08:11 पर चंद्रोदय होगा।

फरीदाबाद - 08:10 पर चंद्रोदय होगा।

मेरठ - 08:08 पर चंद्रोदय होगा।

रोहतक - 08:09 पर चंद्रोदय होगा।

करनाल - 08:09 पर चंद्रोदय होगा।

हिसार - 08:15 पर चंद्रोदय होगा।

सोनीपत - 08:10 पर चंद्रोदय होगा।

कुरुक्षेत्र - 08:10 पर चंद्रोदय होगा।

पानीपत - 08:11 पर चंद्रोदय होगा।

चंडीगढ़ - 08:07 पर चंद्रोदय होगा।

अमृतसर - 08:12 पर चंद्रोदय होगा।

अंबाला - 08:10 पर चंद्रोदय होगा।

जालंधर - 08:13 पर चंद्रोदय होगा।

पटियाला - 08:11 पर चंद्रोदय होगा।

लुधियाना - 08:11 पर चंद्रोदय होगा।

जम्मू - 08:14 पर चंद्रोदय होगा।

पंचकूला - 08:07 पर चंद्रोदय होगा।

देहरादून - 08:04 पर चंद्रोदय होगा।

शिमला - 08:06 पर चंद्रोदय होगा।

इंदौर - 08:24 पर चंद्रोदय होगा।

ग्वालियर - 08:10 पर चंद्रोदय होगा।

कानपुर - 08:02 पर चंद्रोदय होगा।

प्रयागराज – 07:57 पर चंद्रोदय होगा।

उदयपुर - 08:29 पर चंद्रोदय होगा।

अजमेर - 08:24 पर चंद्रोदय होगा।

जोधपुर - 08:31 पर चंद्रोदय होगा।

पटना - 07:44 पर चंद्रोदय होगा।

 


In the major cities of India, the time of moonrise on Karva Chauth Vrat 2023 will be like this: -

Ahmedabad - Moonrise will be at 08:35 hrs.

Delhi - Moonrise will be at 08:10 hrs.

Lucknow - Moonrise will be at 07:58 hrs.

Kolkata - Moonrise will be at 07:34 hrs.

Mumbai - Moonrise will be at 08:42 hrs.

Jaipur - Moonrise will be at 08:19 hrs.

Bangalore - Moonrise will be at 08.31 hrs.

Chennai - Moonrise will be at 08:22 hrs.

Varanasi – Moonrise will be at 07:54 hrs.

Nadiad - Moonrise will be at 9:03 hrs.

Ghaziabad - Moonrise will be at 08:09 hrs.

Gurugram - Moonrise will be at 08:11 hrs.

Faridabad - Moonrise will be at 08:10 hrs.

Meerut - Moonrise will be at 08:08 hrs.

Rohtak - Moonrise will be at 08:09 hrs.

Karnal - Moonrise will be at 08:09 hrs.

Hisar - Moonrise will be at 08:15 hrs.

Sonipat - Moonrise will be at 08:10 hrs.

Kurukshetra – Moonrise will be at 08:10 hrs.

Panipat - Moonrise will be at 08:11 hrs.

Chandigarh - Moonrise will be at 08:07 hrs.

Amritsar - Moonrise will be at 08:12 hrs.

Ambala - Moonrise will be at 08:10 hrs.

Jalandhar - Moonrise will be at 08:13 hrs.

Patiala - Moonrise will be at 08:11 hrs.

Ludhiana - Moonrise will be at 08:11 hrs.

Jammu - Moonrise will be at 08:14 hrs.

Panchkula - Moonrise will be at 08:07 hrs.

Dehradun - Moonrise will be at 08:04 hrs.

Shimla - Moonrise will be at 08:06 hrs.

Indore - Moonrise will be at 08:24 hrs.

Gwalior - Moonrise will be at 08:10 hrs.

Kanpur - Moonrise will be at 08:02 hrs.

Prayagraj – Moonrise will be at 07:57 hrs.

Udaipur - Moonrise will be at 08:29 hrs.

Ajmer - Moonrise will be at 08:24 hrs.

Jodhpur - Moonrise will be at 08:31 hrs.

Patna - Moonrise will be at 07:44 hrs.

 

यदि करवा चौथ के संदर्भ में आपका कोई प्रश्न हैं या आप इस व्रत की अन्य जानकारी चाहते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी कीजिए।

 

12 October 2022

करवा चौथ व्रत का चांद कितने बजे निकलेगा | शुभ मुहूर्त | Karwa Chauth Vrat ka Shubh Muhurat 2022 | Aaj Chand kitne baje niklega

करवा चौथ व्रत का चांद कितने बजे निकलेगा | शुभ मुहूर्त | Karwa Chauth Vrat ka Shubh Muhurat 2022 | Aaj Chand kitne baje niklega 

karwa chauth ka chand kitne baje niklega 2022
Karwa Chauth Vrat 

हे श्री गणेश भगवान्, हे माँ गौरी,

जिस प्रकार करवा को चिर सुहागन का वरदान प्राप्त हुआ,

वैसा ही वरदान संसार की प्रत्येक सुहागिनों को प्राप्त हो।

 

करवा चौथ सनातन हिन्दु धर्म का एक प्रमुख पर्व हैं। यह त्यौहार पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के साथ-साथ सम्पूर्ण भारत-वर्ष में भिन्न-भिन्न विधि-विधान तथा भिन्न-भिन्न परंपराओं के साथ धूमधाम से मनाया जाता हैं। करवा चौथ को करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ शरद पूर्णिमा से चौथे दिवस अर्थात कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के शुभ दिवस मनाया जाता हैं। वहीं गुजरात, महाराष्ट्र तथा दक्षिणी भारत में करवा चौथ आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता हैं। तथा अङ्ग्रेज़ी कैलेंडर के अनुसार यह पर्व अक्तूबर या नवंबर के महीने में आता है। करवा चौथ के व्रत में सम्पूर्ण शिव-परिवार अर्थात शिव जी, पार्वती जी, नंदी जी, गणेश जी तथा कार्तिकेय जी की विधिपूर्वक पूजा करने का विधान हैं। करवा या करक मिट्टी के पात्र को कहा जाता हैं, जिससे चन्द्रमा को जल अर्पण किया जाता है, जल अर्पण करने को ही अर्घ्य देना कहते हैं।

करवा चौथ का पावन व्रत सौभाग्यवती स्त्रियाँ अपने पति की दिर्ध आयु तथा अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए रखती हैं तथा अविवाहित कन्याएँ भी उत्तम जीवनसाथी की प्राप्ति हेतु करवा चौथ के दिवस निर्जला उपवास रखती हैं तथा चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही अपने व्रत का पारण करती हैं। यह व्रत प्रातः सूर्योदय से पूर्व ४ बजे से प्रारम्भ होकर रात्रि में चंद्र-दर्शन के पश्चात ही संपूर्ण होता हैं। पंजाब तथा हरियाणा में सूर्योदय से पूर्व सरगी के साथ इस व्रत का शुभारम्भ होता हैं। सरगी करवा चौथ के दिवस सूर्योदय से पूर्व किया जाने वाला भोजन होता हैं। जो महिलाएँ इस दिवस व्रत रखती हैं उनकी सासुमाँ उनके लिए सरगी बनाती हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान में इस पर्व पर गौर माता की पूजा की जाती हैं। गौर माता की पूजा के लिए प्रतिमा गौ - माता के गोबर से बनाई जाती हैं।

 

आज हम आपको इस विडियो के माध्यम से बताते हैं, कारवाँ चौथ व्रत की पूजा का अत्यंत शुभ मुहूर्त तथा भारत के प्रत्येक प्रमुख नगरों में करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय-

 

करवा चौथ के दिवस चंद्रमा उदय होने का समय प्रत्येक महिलाओं के लिए अत्यंत विशेष महत्वपूर्ण होता हैं, क्योंकि वे अपने पति की दिर्ध आयु के लिये सम्पूर्ण दिवस निर्जल व्रत रहती हैं तथा केवल उदित सम्पूर्ण चन्द्रमाँ के दर्शन करने के पश्चात ही जल ग्रहण कर सकती हैं। यह मान्यता हैं कि, चन्द्रमाँ को देखे बिना यह व्रत पूर्ण नहीं माना जाता हैं तथा कोई भी महिला कुछ भी खा नहीं सकती हैं ना ही जल ग्रहण सकती कर हैं। करवा चौथ व्रत तभी पूर्ण माना जाता हैं जब महिला उदित सम्पूर्ण चन्द्रमाँ को एक छलनी में घी का दीपक रखकर देखती हैं तथा चन्द्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति के हाथों से जल ग्रहण करती हैं।

 

इस वर्ष, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 12 अक्तूबर, बुधवार की मध्यरात्रि 01 बजकर 59 मिनिट से प्रारम्भ हो कर, 14 अक्तूबर, शुक्रवार की प्रातः 03 बजकर 08 मिनिट तक व्याप्त रहेगी।

 

अतः इस वर्ष 2022 में करवा चौथ का व्रत 13 अक्तूबर, बुधवार के दिन किया जाएगा।

तथा यह व्रत प्रातः 06:23 से साँय 20:27 तक रखना चाहिए।

 

करवा चौथ के व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 13 अक्तूबर, बुधवार की साँय 06 बजकर 04 मिनट से 07 बजकर 18 मिनट तक का रहेगा।

करवा चौथ पर चन्द्रमा रोहिणी नक्षत्र तथा वृषभ राशि में रहेंगे। जिसका कारक शुक्र ग्रह होता है, जो की पति-पत्नी के मध्य अटूट प्रेम का कारक है।

 

करवाचौथ के दिवस चन्द्रमाँ का उदय भारतवर्ष में 08 बजकर 27 मिनट पर होने का अनुमान हैं। तथा आपके नगर में करवा चौथ पर चन्द्रोदय का अनुमानित समय कुछ इस प्रकार से हैं -

 

भारत के प्रमुख नगरों में करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय इस प्रकार रहेगा।

अहमदाबाद - 08:46 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

दिल्ली - 08:21 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

लखनऊ - 08:09 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

कोलकाता - 07:45 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

मुंबई - 08:53 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

जयपुर - 08:30 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

बैंगलोर - 08.42 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

चेन्नई - 08:33 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

वाराणसी - 08:05 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

नडियाद - 9:14 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

गाज़ियाबाद - 08:20 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

गुरुग्राम - 08:22 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

फरीदाबाद - 08:21 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

मेरठ - 08:19 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

रोहतक - 08:20 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

करनाल - 08:20 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

हिसार - 08:26 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

सोनीपत - 08:21 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

कुरुक्षेत्र - 08:20 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

पानीपत - 08:22 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

चंडीगढ़ - 08:18 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

अमृतसर - 08:23 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

अंबाला - 08:21 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

जालंधर - 08:24 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

पटियाला - 08:22 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

लुधियाना - 08:22 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

जम्मू - 08:25 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

पंचकूला - 08:18 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

देहरादून - 08:16 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

शिमला - 08:17 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

इंदौर - 08:35 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

ग्वालियर - 08:21 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

कानपुर - 08:13 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

प्रयागराज - 08:08 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

उदयपुर - 08:40 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

अजमेर - 08:35 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

जोधपुर - 08:42 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

पटना - 07:55 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

 

In the major cities of India, the time of moonrise on Karva Chauth Vrat 2022 will be like this :-

Ahmedabad - Moonrise at 08:46 mins.

Delhi - 08:21 mins.

Lucknow - 08:09 mins.

Kolkata - 07:45 mins.

Mumbai - 08:53 mins.

Jaipur - 08:30 mins.

Bangalore - 08.42 mins.

Chennai - 08:33 mins.

Varanasi - 08:05 mins.

Nadiad - 9:14 am.

Ghaziabad - 08:20 mins.

Gurugram - 08:22 mins.

Faridabad - 08:21 mins.

Meerut - 08:19 mins.

Rohtak - 08:20 mins.

Karnal - 08:20 mins.

Hisar - 08:26 mins.

Sonipat - 08:21 mins.

Kurukshetra - 08:20 mins.

Panipat - 08:22 minutes.

Chandigarh - 08:18 mins.

Amritsar - 08:23 mins.

Ambala - 08:21 mins.

Jalandhar - 08:24 mins.

Patiala - 08:22 mins.

Ludhiana - 08:22 mins.

Jammu - 08:25 mins.

Panchkula - 08:18 mins.

Dehradun - 08:16 mins.

Shimla - 08:17 minutes.

Indore - 08:35 mins.

Gwalior - 08:21 mins.

Kanpur - 08:13 mins.

Prayagraj - 08:08 mins.

Udaipur - 08:40 mins.

Ajmer - 08:35 mins.

Jodhpur - 08:42 mins.

Patna - 07:55 mins.

 

यदि करवा चौथ के संदर्भ में आपका कोई प्रश्न हैं या आप इस व्रत की अन्य जानकारी चाहते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी कीजिए।

23 October 2021

करवा चौथ व्रत का शुभ मुहूर्त | Karwa Chauth ka Shubh Muhurat 2021 | Aaj Chand kitne baje niklega | Karva Chauth Vrat 2021

करवा चौथ व्रत का शुभ मुहूर्त | Karwa Chauth ka Shubh Muhurat 2021 | Aaj Chand kitne baje niklega | Karva Chauth Vrat 2021 

karwa chauth ka chand kitne baje niklega 2021
Karwa Chauth Shubh Muhurat

हे श्री गणेश भगवान्, हे माँ गौरी,

जिस प्रकार करवा को चिर सुहागन का वरदान प्राप्त हुआ,

वैसा ही वरदान संसार की प्रत्येक सुहागिनों को प्राप्त हो।

 

करवा चौथ सनातन हिन्दु धर्म का एक प्रमुख पर्व हैं। यह त्यौहार पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के साथ-साथ सम्पूर्ण भारत-वर्ष में भिन्न-भिन्न विधि-विधान तथा भिन्न-भिन्न परंपराओं के साथ धूमधाम से मनाया जाता हैं। करवा चौथ को करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ शरद पूर्णिमा से चौथे दिवस अर्थात कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के शुभ दिवस मनाया जाता हैं। वहीं गुजरात, महाराष्ट्र तथा दक्षिणी भारत में करवा चौथ आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता हैं। तथा अङ्ग्रेज़ी कैलेंडर के अनुसार यह पर्व अक्तूबर या नवंबर के महीने में आता है। करवा चौथ के व्रत में सम्पूर्ण शिव-परिवार अर्थात शिव जी, पार्वती जी, नंदी जी, गणेश जी तथा कार्तिकेय जी की विधिपूर्वक पूजा करने का विधान हैं। करवा या करक मिट्टी के पात्र को कहा जाता हैं, जिससे चन्द्रमा को जल अर्पण किया जाता है, जल अर्पण करने को ही अर्घ्य देना कहते हैं।

करवा चौथ का पावन व्रत सौभाग्यवती स्त्रियाँ अपने पति की दिर्ध आयु तथा अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए रखती हैं तथा अविवाहित कन्याएँ भी उत्तम जीवनसाथी की प्राप्ति हेतु करवा चौथ के दिवस निर्जला उपवास रखती हैं तथा चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही अपने व्रत का पारण करती हैं। यह व्रत प्रातः सूर्योदय से पूर्व ४ बजे से प्रारम्भ होकर रात्रि में चंद्र-दर्शन के पश्चात ही संपूर्ण होता हैं। पंजाब तथा हरियाणा में सूर्योदय से पूर्व सरगी के साथ इस व्रत का शुभारम्भ होता हैं। सरगी करवा चौथ के दिवस सूर्योदय से पूर्व किया जाने वाला भोजन होता हैं। जो महिलाएँ इस दिवस व्रत रखती हैं उनकी सासुमाँ उनके लिए सरगी बनाती हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान में इस पर्व पर गौर माता की पूजा की जाती हैं। गौर माता की पूजा के लिए प्रतिमा गौ - माता के गोबर से बनाई जाती हैं।

 

आज हम आपको इस विडियो के माध्यम से बताते हैं, कारवाँ चौथ व्रत की पूजा का अत्यंत शुभ मुहूर्त तथा भारत के प्रत्येक प्रमुख नगरों में करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय-

 

करवा चौथ के दिवस चंद्रमा उदय होने का समय प्रत्येक महिलाओं के लिए अत्यंत विशेष महत्वपूर्ण होता हैं, क्योंकि वे अपने पति की दिर्ध आयु के लिये सम्पूर्ण दिवस निर्जल व्रत रहती हैं तथा केवल उदित सम्पूर्ण चन्द्रमाँ के दर्शन करने के पश्चात ही जल ग्रहण कर सकती हैं। यह मान्यता हैं कि, चन्द्रमाँ को देखे बिना यह व्रत पूर्ण नहीं माना जाता हैं तथा कोई भी महिला कुछ भी खा नहीं सकती हैं ना ही जल ग्रहण सकती कर हैं। करवा चौथ व्रत तभी पूर्ण माना जाता हैं जब महिला उदित सम्पूर्ण चन्द्रमाँ को एक छलनी में घी का दीपक रखकर देखती हैं तथा चन्द्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति के हाथों से जल ग्रहण करती हैं।

 

इस वर्ष, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 24 अक्तूबर, रविवार की प्रातः 03 बजकर 01 मिनिट से प्रारम्भ हो कर, 25 अक्तूबर, सोमवार की प्रातः 05 बजकर 43 मिनिट तक व्याप्त रहेगी।

 

अतः इस वर्ष 2021 में करवा चौथ का व्रत 24 अक्तूबर, रविवार के दिन किया जाएगा।

तथा यह व्रत प्रातः 06:28 से साँय 20:27 तक रखना चाहिए।

 

करवा चौथ के व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 24 अक्तूबर, रविवार की साँय 05 बजकर 56 मिनट से 07 बजकर 08 मिनट तक का रहेगा।

करवा चौथ पर चन्द्रमा रोहिणी नक्षत्र तथा वृषभ राशि में रहेंगे। जिसका कारक शुक्र ग्रह होता है, जो की पति-पत्नी के मध्य अटूट प्रेम का कारक है।

 

करवाचौथ के दिवस चन्द्रमाँ का उदय भारतवर्ष में 08 बजकर 27 मिनट पर होने का अनुमान हैं। तथा आपके नगर में करवा चौथ पर चन्द्रोदय का अनुमानित समय कुछ इस प्रकार से हैं -

 

भारत के प्रमुख नगरों में करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय इस प्रकार रहेगा।

अहमदाबाद - 08:46 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

दिल्ली - 08:21 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

लखनऊ - 08:09 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

कोलकाता - 07:45 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

मुंबई - 08:53 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

जयपुर - 08:30 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

बैंगलोर - 08.42 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

चेन्नई - 08:33 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

वाराणसी - 08:05 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

नडियाद - 9:14 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

गाज़ियाबाद - 08:20 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

गुरुग्राम - 08:22 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

फरीदाबाद - 08:21 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

मेरठ - 08:19 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

रोहतक - 08:20 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

करनाल - 08:20 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

हिसार - 08:26 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

सोनीपत - 08:21 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

कुरुक्षेत्र - 08:20 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

पानीपत - 08:22 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

चंडीगढ़ - 08:18 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

अमृतसर - 08:23 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

अंबाला - 08:21 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

जालंधर - 08:24 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

पटियाला - 08:22 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

लुधियाना - 08:22 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

जम्मू - 08:25 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

पंचकूला - 08:18 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

देहरादून - 08:16 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

शिमला - 08:17 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

इंदौर - 08:35 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

ग्वालियर - 08:21 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

कानपुर - 08:13 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

प्रयागराज - 08:08 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

उदयपुर - 08:40 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

अजमेर - 08:35 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

जोधपुर - 08:42 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

पटना - 07:55 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

 

In the major cities of India, the time of moonrise on Karva Chauth Vrat 2021 will be like this:-

Ahmedabad - Moonrise at 08:46 mins.

Delhi - 08:21 mins.

Lucknow - 08:09 mins.

Kolkata - 07:45 mins.

Mumbai - 08:53 mins.

Jaipur - 08:30 mins.

Bangalore - 08.42 mins.

Chennai - 08:33 mins.

Varanasi - 08:05 mins.

Nadiad - 9:14 am.

Ghaziabad - 08:20 mins.

Gurugram - 08:22 mins.

Faridabad - 08:21 mins.

Meerut - 08:19 mins.

Rohtak - 08:20 mins.

Karnal - 08:20 mins.

Hisar - 08:26 mins.

Sonipat - 08:21 mins.

Kurukshetra - 08:20 mins.

Panipat - 08:22 minutes.

Chandigarh - 08:18 mins.

Amritsar - 08:23 mins.

Ambala - 08:21 mins.

Jalandhar - 08:24 mins.

Patiala - 08:22 mins.

Ludhiana - 08:22 mins.

Jammu - 08:25 mins.

Panchkula - 08:18 mins.

Dehradun - 08:16 mins.

Shimla - 08:17 minutes.

Indore - 08:35 mins.

Gwalior - 08:21 mins.

Kanpur - 08:13 mins.

Prayagraj - 08:08 mins.

Udaipur - 08:40 mins.

Ajmer - 08:35 mins.

Jodhpur - 08:42 mins.

Patna - 07:55 mins.

 

यदि करवा चौथ के संदर्भ में आपका कोई प्रश्न हैं या आप इस व्रत की अन्य जानकारी चाहते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी कीजिए।

 

17 October 2019

करवा चौथ व्रत का शुभ मुहूर्त | Karwa Chauth ka Shubh Muhurat 2019 | Aaj Chand kitne baje niklega | Karva Chauth Vrat 2019

करवा चौथ व्रत का शुभ मुहूर्त | Karwa Chauth ka Shubh Muhurat 2019 | Aaj Chand kitne baje niklega | Karva Chauth Vrat 2019
chand kitne baje niklega
karwa chauth shubh muhurat chand kitne baje niklega
हे श्री गणेश भगवान्, हे माँ गौरी,
जिस प्रकार करवा को चिर सुहागन का वरदान प्राप्त हुआ,
वैसा ही वरदान संसार की प्रत्येक सुहागिनों को प्राप्त हो।

करवा चौथ सनातन हिन्दु धर्म का एक प्रमुख पर्व हैं। यह त्यौहार पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के साथ-साथ सम्पूर्ण भारत-वर्ष में भिन्न-भिन्न विधि-विधान तथा भिन्न-भिन्न परंपराओं के साथ धूमधाम से मनाया जाता हैं। करवा चौथ को करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ शरद पूर्णिमा से चौथे दिवस अर्थात कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के शुभ दिवस मनाया जाता हैं। वहीं गुजरात, महाराष्ट्र तथा दक्षिणी भारत में करवा चौथ आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता हैं। तथा अङ्ग्रेज़ी कैलेंडर के अनुसार यह पर्व अक्तूबर या नवंबर के महीने में आता है। करवा चौथ के व्रत में सम्पूर्ण शिव-परिवार अर्थात शिव जी, पार्वती जी, नंदी जी, गणेश जी तथा कार्तिकेय जी की विधिपूर्वक पूजा करने का विधान हैं। करवा या करक मिट्टी के पात्र को कहा जाता हैं, जिससे चन्द्रमा को जल अर्पण किया जाता है, जल अर्पण करने को ही अर्घ्य देना कहते हैं।
करवा चौथ का पावन व्रत सौभाग्यवती स्त्रियाँ अपने पति की दिर्ध आयु तथा अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए रखती हैं तथा अविवाहित कन्याएँ भी उत्तम जीवनसाथी की प्राप्ति हेतु करवा चौथ के दिवस निर्जला उपवास रखती हैं तथा चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही अपने व्रत का पारण करती हैं। यह व्रत प्रातः सूर्योदय से पूर्व ४ बजे से प्रारम्भ होकर रात्रि में चंद्र-दर्शन के पश्चात ही संपूर्ण होता हैं। पंजाब तथा हरियाणा में सूर्योदय से पूर्व सरगी के साथ इस व्रत का शुभारम्भ होता हैं। सरगी करवा चौथ के दिवस सूर्योदय से पूर्व किया जाने वाला भोजन होता हैं। जो महिलाएँ इस दिवस व्रत रखती हैं उनकी सासुमाँ उनके लिए सरगी बनाती हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान में इस पर्व पर गौर माता की पूजा की जाती हैं। गौर माता की पूजा के लिए प्रतिमा गौ - माता के गोबर से बनाई जाती हैं।
       
        आज हम आपको इस विडियो के माध्यम से बताते हैं, कारवाँ चौथ व्रत की पूजा का अत्यंत शुभ मुहूर्त तथा भारत के प्रत्येक प्रमुख नगरों में करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय-

        करवा चौथ के दिवस चंद्रमा उदय होने का समय प्रत्येक महिलाओं के लिए अत्यंत विशेष महत्वपूर्ण होता हैं, क्योंकि वे अपने पति की दिर्ध आयु के लिये सम्पूर्ण दिवस निर्जल व्रत रहती हैं तथा केवल उदित सम्पूर्ण चन्द्रमाँ के दर्शन करने के पश्चात ही जल ग्रहण कर सकती हैं। यह मान्यता हैं कि, चन्द्रमाँ को देखे बिना यह व्रत पूर्ण नहीं माना जाता हैं तथा कोई भी महिला कुछ भी खा नहीं सकती हैं ना ही जल ग्रहण सकती कर हैं। करवा चौथ व्रत तभी पूर्ण माना जाता हैं जब महिला उदित सम्पूर्ण चन्द्रमाँ को एक छलनी में घी का दीपक रखकर देखती हैं तथा चन्द्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति के हाथों से जल ग्रहण करती हैं।

इस वर्ष, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 17 अक्तूबर, गुरुवार की प्रातः 06 बजकर 38 मिनिट से प्रारम्भ हो कर, 18 अक्तूबर, शुक्रवार की प्रातः 07 बजकर 27 मिनिट तक व्याप्त रहेगी।

अतः इस वर्ष 2019 में करवा चौथ का व्रत 17 अक्तूबर, गुरुवार के दिन किया जाएगा।

        करवा चौथ के व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 17 अक्तूबर, गुरुवार की साँय 05 बजकर 54 मिनट से 07 बजकर 14 मिनट तक का रहेगा।
        करवा चौथ पर चन्द्रमा रोहिणी नक्षत्र तथा वृषभ राशि में रहेंगे। वृषभ राशि लग्न का कारक शुक्र ग्रह होता है जो पति-पत्नी के मध्य अटूट प्रेम का कारक है।

करवाचौथ के दिवस चन्द्रमाँ का उदय भारतवर्ष में 08 बजकर 34 मिनट पर होने का अनुमान हैं। तथा आपके नगर में करवा चौथ पर चन्द्रोदय का अनुमानित समय कुछ इस प्रकार से हैं -
 

भारत के प्रमुख नगरों में करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय इस प्रकार रहेगा।


अहमदाबाद - 08:52 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
दिल्ली - 08:27 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
लखनऊ - 08:15 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
कोलकाता - 07:51 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
मुंबई - 08:59 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
जयपुर - 08:36 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
बैंगलोर - 08.48 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
चेन्नई - 08:39 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
वाराणसी - 08:11 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
नडियाद - 9:20 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
गाज़ियाबाद - 08:26 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
गुरुग्राम - 08:28 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
फरीदाबाद - 08:27 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
मेरठ - 08:25 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
रोहतक - 08:26 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
करनाल - 08:26 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
हिसार - 08:32 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
सोनीपत - 08:28 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
कुरुक्षेत्र - 08:27 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
पानीपत - 08:28 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
चंडीगढ़ - 08:24 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
अमृतसर - 08:29 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
अंबाला - 08:27 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
जालंधर - 08:30 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
पटियाला - 08:28 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
लुधियाना - 08:28 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
जम्मू - 08:28 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
पंचकूला - 08:24 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
देहरादून - 08:22 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
शिमला - 08:23 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
इंदौर - 08:41 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
ग्वालियर - 08:27 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
कानपुर - 08:19 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
प्रयागराज - 08:14 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
उदयपुर - 08:47 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
अजमेर - 08:41 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
जोधपुर - 08:48 मिनट पर चंद्रोदय होगा।
पटना - 08:01 मिनट पर चंद्रोदय होगा।