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11 April 2019

नवरात्रि उपवास कब खोले | नवरात्रि हवन मुहूर्त | कन्या पूजन कब करें | Chaitra Navratri Kanya Pujan 2019 #KanyaPujan

नवरात्रि उपवास कब खोले | नवरात्रि हवन मुहूर्त | कन्या पूजन कब करें | Chaitra Navratri Kanya Pujan 2019 #KanyaPujan

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नवरात्र सनातनी हिन्दुओं का अत्यंत पवित्र तथा प्रमुख त्यौहार हैं। नवरात्र की पूजा नौ दिनों तक होती हैं तथा इन नौ दिनों में माताजी के नौ भिन्न-भिन्न स्वरुपों की पूजा तथा आराधना पूर्ण भक्तिभाव से की जाती हैं। माताजी के नौ रूप इस प्रकार हैं- माँ शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा माँ, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, माँ महागौरी तथा सिद्धिदात्रि माँ। प्रत्येक वर्ष में मुख्य दो बार नवरात्र आते हैं, तथा गुप्त नवरात्र भी आते हैं।
सम्पूर्ण उत्तरी भारत-वर्ष में चैत्र नवरात्र को अत्यंत श्रद्धा तथा विश्वास के साथ नौ दिनो तक व्रत कर के मनाया जाता हैं। चैत्र नवरात्र को प्रत्येक नवरात्रों में सर्वाधिक प्रमुख तथा महत्वपूर्ण माना जाता हैं। चैत्र नवरात्र से ठंडी की ऋतु समाप्त होती हैं तथा गर्मियों के मौसम का प्रारम्भ होता हैं। अतः यह नवरात्र वह समय हैं, जब दो विपरीत ऋतुओ का मिलन होता हैं। इस संधि काल मे ब्रह्मांड से असीम शक्तियां ऊर्जा के स्वरूप में हम तक भूलोक पर पहुँचती हैं। अतः इस समय आध्यात्मिक ऊर्जा ग्रहण करने के लिए लोग विशिष्ट अनुष्ठान करते हैं। इस अनुष्ठान में देवी के स्वरूपों की साधना पूर्ण श्रद्धा से की जाती हैं। अतः नवरात्रों में माताजी का पूजन विधिवत् किया जाता हैं। देवी के पूजन करने की विधि दोनों ही नवरात्रों में लगभग एक समान ही रहती हैं। इस त्यौहार पर सुहागन या कन्या, सभी महिलाए अपने सामर्थ्य अनुसार दो, तीन या सम्पूर्ण नौ दिनों तक का व्रत रखते हैं तथा दसवें दिन कन्या पूजन तथा हवन के पश्चात व्रत खोला जाता हैं अर्थात व्रत का पारण किया जाता हैं।
इस वर्ष नवमी तिथि 2 दिवस अर्थात 13 अप्रैल तथा 14 अप्रैल दोनों दिन व्याप्त हैं, जिस कारण आप प्रत्येक भक्तजनों के पास केवल सामान्य जानकारी तो हैं किन्तु पर्याप्त जानकारी का अभाव हैं की,

नवमी का व्रत कब किया जाएगा?

कन्या पूजन कब किया जाएगा?

नवरात्रि का हवन कब करना चाहिए?

तथा

नवरात्रि व्रत का पारण कब करें?

अतः इस शंका का हम निवारण करते हैं।
13 अप्रैल की तारीख के दिन मध्याह्न के समय नवमी तिथि रहेगी, किन्तु 14 अप्रैल की तारीख के दिन नवमी तिथि का क्षय प्रातः ही हो जाएगा अतः इस वर्ष 2019 में नवरात्रि के नवमी का व्रत 13 अप्रैल, शनिवार के दिन ही किया जाएगा। रामनवमी का त्योहार भी इसी दिन मनाया जाएगा। तथा चैत्र नवरात्रि के व्रत हवन तथा कन्या पूजन एवं इस दिव्य व्रत का पारण दशमी तिथि के दिन किया जाएगा, जिसके मुहूर्त इस प्रकार हैं।
इस वर्ष, 2019 में, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 14 अप्रैल, रविवार के दिन 09 बजकर 36 मिनिट से प्रारम्भ हो कर, 15 अप्रैल, सोमवार की प्रातः 07 बजकर 08 मिनिट तक व्याप्त रहेगी।
अतः चैत्र नवरात्रि के व्रत हवन तथा कन्या पूजन 14 अप्रैल, रविवार की प्रातः 06 बजकर 10 से 09 बजकर 35 तक किया जाएगा।
साथ ही, चैत्र नवरात्रि के व्रत का पारण अर्थात व्रत तोड़ने का शुभ समय, 14 अप्रैल, रविवार के दिन 09 बजकर 36 मिनिट के पश्चात का रहेगा।

चैत्र नवरात्रि पारण के दिवस अन्य महत्वपूर्ण समय इस प्रकार हैं-

14 अप्रैल 2019, रविवार
अभिजीत मुहूर्त:- 11:57 से 12:46
राहुकाल:- 17:06 से 18:44
सूर्योदय:- 06: 04 सूर्यास्त:- 18:44
चन्द्रोदय:- 13:19 चन्द्रास्त:- 03:10 (मध्यरात्री)

02 April 2019

चैत्र नवरात्रि कब हैं 2019 | Chaitra Navratri 2019 kab hai | 2019 दुर्गा पूजा कब है | Durga Puja 2019

चैत्र नवरात्रि कब हैं 2019 | Chaitra Navratri 2019 kab hai | 2019 दुर्गा पूजा कब है | Durga Puja 2019

chaitra navratri 2019
chaitra navratri kab hai
मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे।

॥ जय माता दी ॥
जय श्री कालका माँ

इस विडियो मे हम आपको बताएँगे-
१-  चैत्र नवरात्रि कब से प्रारम्भ हैं?
२-  चैत्र नवरात्रि के महत्वपूर्ण मुहूर्त
३-  चैत्र नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त
४-  नौ देवियो की पूजा नौ तिथि के अनुसार
५-  नौ दिवस के नौ भोग (प्रसाद)
६-  नौ दिनों के लिए नौ शुभ रंग
७-  चैत्र नवरात्री का महत्व
८-  नवरात्रि के कुछ विशेष नियम

नवरात्र हिन्दुओं का एक पवित्र त्यौहार हैं। नवरात्र की पूजा नौ दिनों तक चलती हैं तथा इन दिनों में माता के नौ रुपों की पूजा की जाती हैं।

चैत्र नवरात्रि कब से प्रारम्भ हैं?

इस वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 05 अप्रैल, शुक्रवार की दोपहर 02 बजकर 20 मिनिट से प्रारम्भ हो कर, 06 अप्रैल, शनिवार की दोपहर 03 बजकर 23 मिनिट तक व्याप्त रहेगी।

अतः इस वर्ष 2019 में चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 06 अप्रैल, शनिवार के दिन से हो रहा हैं। तथा यह नवरात्र 14 अप्रैल, रविवार तक रहेंगे।
प्रारंभ:- 06 अप्रैल 2019, शनिवार
समापन:- 14 अप्रैल 2019, रविवार
               

चैत्र नवरात्रि घटस्थापना (कलश स्थापना) मुहूर्त

इस वर्ष, चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, 06 अप्रैल, शनिवार की प्रातः 06 बजकर 11 मिनिट से 09 बजकर 16 मिनिट तक अमृत योग में रहेगा। यदि इस समय आप कलश स्थापना करेंगे तो यह अति शुभ फलदायक सिद्ध होगा।


चैत्र नवरात्रि के महत्वपूर्ण मुहूर्त- 6 अप्रैल 2019

अभिजीत मुहूर्त:- 11:51-12:49
राहुकाल:- 09:17-10:50
सूर्योदय:- 06:10    सूर्यास्त:- 18:37
चन्द्रोदय:- 06:51   चन्द्रास्त:- 19:37

नौ देवियो की पूजा नौ तिथि के अनुसार

नवरात्र की पूजा नौ दिनों तक चलती हैं, तथा इन नौ दिनों में माताजी के नौ भिन्न-भिन्न स्वरुपों की पूजा की जाती हैं।

६ अप्रैल (पहला दिन):-   घट स्थापन,चंद्र दर्शन तथा माँ शैलपुत्री की पूजा
७ अप्रैल (दूसरा दिन):-    सिन्धारा दूज तथा माता ब्रह्राचारिणी की पूजा
८ अप्रैल (तीसरा दिन):-   गौरी तीज,सौभाग्य तीज तथा माँ चन्द्रघंटा की पूजा
९ अप्रैल (चौथा दिन):-   वरद विनायक चौथ तथा माँ कूष्मांडा की पूजा
१० अप्रैल (पांचवा दिन):- लक्ष्मी पंचमी, नाग पूजा तथा माँ स्कंदमाता की पूजा
११ अप्रैल (छटा दिन):-   यमुना छठ, स्कन्द षष्ठी तथा माता कात्यायनी की पूजा
१२ अप्रैल (सातवां दिन):-  महा सप्तमी तथा माता कालरात्रि की पूजा
१३ अप्रैल (आठवां दिन):-  दुर्गा अष्टमी, अन्नपूर्णा अष्टमी, सन्धि पूजा तथा माँ महागौरी की पूजा
१४ अप्रैल (नौंवा दिन):- नवरात्रि का अंतिम दिन, नवरात्री पारण, राम नवमी तथा माँ सिद्धिदात्री की पूजा

नौ दिवस के नौ भोग (प्रसाद)

जिस प्रकार नवरात्रि के नौ दिन, मां दुर्गा के भिन्न-भिन्न रूपों की पूजा की जाती है, उसी प्रकार नवरात्रि के नौ दिनों में माता को प्रत्येक दिन के अनुसार नौ भोग या प्रसाद अर्पित करने से माता जी प्रत्येक प्रकार की समस्याओं का नाश कर देती हैं।  
६ अप्रैल (पहला दिन):- केले
७ अप्रैल (दूसरा दिन):- देसी घी (गाय के दूध से बने)
८ अप्रैल (तीसरा दिन):- नमकीन मक्खन
९ अप्रैल (चौथा दिन):- मिश्री
१० अप्रैल (पांचवा दिन):- खीर या दूध
११ अप्रैल (छटा दिन):- माल-पोआ
१२ अप्रैल (सातवां दिन):-  शहद
१३ अप्रैल (आठवां दिन):-  गुड़ या नारियल
१४ अप्रैल (नौंवा दिन):- धान का हलवा

नौ दिनों के लिए नौ शुभ रंग

शुभकामना के लिए तथा प्रसंता के लिए, नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान लोग नौ भिन्न-भिन्न रंग पहने जाते हैं।
६ अप्रैल (पहला दिन):- हरा
७ अप्रैल (दूसरा दिन):- नीला
८ अप्रैल (तीसरा दिन):- लाल
९ अप्रैल (चौथा दिन):- नारंगी
१० अप्रैल (पांचवा दिन):- पीला
११ अप्रैल (छटा दिन):- नीला
१२ अप्रैल (सातवां दिन):-  बैंगनी रंग
१३ अप्रैल (आठवां दिन):-  गुलाबी
१४ अप्रैल (नौंवा दिन):- सुनहरा रंग


चैत्र नवरात्री का महत्व

यह माना जाता हैं कि यदि भक्त बिना किसी इच्छा की पूर्ति के लिए महादुर्गा की पूजा करते हैं, तो वे मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर कर मोक्ष प्राप्त करते हैं।

नवरात्रि के कुछ विशेष नियम

नवरात्रि के नौ पावन दिनो के दौरान कुछ विशेष नियमो का पालन अवश्य करना चाहिए, जो की इस प्रकार हैं।
        1- चैत्र नवरात्रि समारोह का प्रतीक प्रार्थना तथा उपवास माना जाता हैं।
2- त्योहार के आरंभ होने से पूर्व, अपने घर में देवी माँ का स्वागत करने के लिए घर की साफ-सफाई अच्छे से करनी चाहिए।
3- नवरात्रि के दौरान सात्विक जीवन व्यतीत करना चाहिए।
4- नवरात्रि के दौरान भूमि शयन करना चाहिए।
5- नवरात्रि के दौरान सात्त्विक आहार ग्रहण करना चाहिए।
6- नवरात्रि के उपवास करते वक्त सात्विक भोजन जैसे कि आलू, कुट्टू का आटा, दही, फल, आदि खाना चाहिए।
7- नवरात्रि के दौरान, भोजन में सख्त समय का अनुशासन बनाए रखना चाहिए।