🌹 रुद्राभिषेक करने का पुण्य फल, विधि और महत्व 🌹
शिवलिंग पर अभिषेक से कैसे प्रसन्न होते हैं भगवान शंकर
रुद्राभिषेक भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे प्रभावशाली और शीघ्र फल देने वाला उपाय माना गया है। शास्त्रों के अनुसार विधि-विधान से किया गया रुद्राभिषेक ग्रह दोष, रोग, कर्ज और मानसिक कष्टों से मुक्ति दिलाता है।
क्या आप जानते हैं कि अलग-अलग वस्तुओं से किया गया रुद्राभिषेक अलग-अलग फल देता है? इस लेख में हम रुद्राभिषेक की संपूर्ण विधि, तिथि और इसके चमत्कारी लाभ विस्तार से जानेंगे।
जहाँ ब्रह्मा रूप में वे सृष्टि की उत्पत्ति करते हैं, वहीं विष्णु रूप में पालन और शिव रूप में संहार करते हैं। इसी कारण भगवान शिव को महादेव कहा गया है।
भगवान शिव अत्यंत शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता हैं। भक्तजन अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति, ग्रह बाधा शांति, रोग निवारण, संतान सुख और मोक्ष प्राप्ति हेतु रुद्राभिषेक करते हैं।
🔱 रुद्राभिषेक का शास्त्रीय महत्व
शिवलिंग भगवान शिव का ही रुद्र स्वरूप है। शिव पुराण के अनुसार, विभिन्न पवित्र द्रव्यों से किया गया अभिषेक भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है। विधि-विधान से किया गया रुद्राभिषेक भक्त की समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करता है।
ज्योतिष शास्त्र में भी जन्मकुंडली में चल रही ग्रहों की महादशा और अंतर्दशा के अशुभ प्रभाव को शांत करने के लिए रुद्राभिषेक को श्रेष्ठ उपाय माना गया है।
📿 रुद्राभिषेक की शुभ तिथियाँ
कृष्ण पक्ष – प्रतिपदा, चतुर्थी, पंचमी, अष्टमी, एकादशी, द्वादशी, अमावस्या
शुक्ल पक्ष – द्वितीया, पंचमी, षष्ठी, नवमी, द्वादशी, त्रयोदशी
इन तिथियों में किया गया रुद्राभिषेक शीघ्र फल प्रदान करता है।
🕉️ घर पर रुद्राभिषेक करने की विधि
✔ पूजा की तैयारी
- मिट्टी या पारद का शिवलिंग स्थापित करें
- शिवलिंग उत्तर दिशा में रखें
- साधक का मुख पूर्व दिशा में हो
✔ अभिषेक विधि
- सबसे पहले गंगाजल से अभिषेक
- फिर दूध, दही, घी, शहद, पंचामृत
- महामृत्युंजय मंत्र या ॐ नमः शिवाय का जप
अंत में बेलपत्र, चंदन, पुष्प अर्पित कर 108 बार मंत्र जप करें और आरती करें।
🌸 विभिन्न वस्तुओं से रुद्राभिषेक के पुण्य फल
- जल – दुख नाश, धन व सम्मान
- दूध / पंचामृत – मनोकामना पूर्ति, सुख-शांति
- गन्ने का रस – अखंड धन लाभ
- सरसों का तेल – शत्रु व ग्रह बाधा नाश
- काले तिल – तंत्र बाधा से रक्षा
- शहद – रोग निवारण
- धतूरा – संतान सुख
- कमल पुष्प – लक्ष्मी कृपा
🌺 निष्कर्ष
रुद्राभिषेक केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि, ग्रह शांति और जीवन की समस्त बाधाओं से मुक्ति का श्रेष्ठ साधन है।
🙏 ॐ नमः शिवाय 🙏
✍️ लेखक : पंडित विनोद पांडे
📍 नडियाद, गुजरात

No comments:
Post a Comment