01 March 2026

होली 2026: भद्रा साया और चंद्र ग्रहण सूतक काल 🔥 🌕 🌑

होली 2026: भद्रा साया और चंद्र ग्रहण सूतक काल गाइड | Holi 2026 Muhurat & Eclipse Guide -->
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होली 2026: भद्रा साया और चंद्र ग्रहण सूतक काल

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भद्रा का भारी साया और चंद्र ग्रहण की हलचल! जानें होलिका दहन का शास्त्रसम्मत मुहूर्त, सूतक काल और अचूक पूजा विधि।

⚠️ भद्रा का संकट: एक गंभीर चेतावनी

साल 2026 की होली सामान्य नहीं है। शास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है— 'ग्रामं दहति फाल्गुनी'। अर्थात भद्रा काल में जलाई गई होली पूरे गाँव, शहर और राष्ट्र के लिए विनाशकारी हो सकती है।

इस वर्ष 2 मार्च को पूर्णिमा शुरू होते ही भद्रा लग रही है, जो पूरी रात रहेगी। इसलिए 2 मार्च की रात दहन पूर्णतः वर्जित है। इस डैशबोर्ड के माध्यम से हम सही समय और नियमों को डिकोड करेंगे।

समय-चक्र: कब क्या है?

पूर्णिमा, भद्रा और ग्रहण के टकराव का दृश्य विश्लेषण। हरे रंग का हिस्सा ही आपका सुरक्षित समय है।

सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त (दहन)
3 मार्च: सुबह 05:19 - 06:55
(भद्रा समाप्ति के बाद, सूर्योदय से पूर्व)
चंद्र ग्रहण (सूतक सहित)
3 मार्च: शाम 06:35 से शुरू
(सूतक सुबह 09:43 से मान्य)

शहर-वार चंद्र ग्रहण सूतक ट्रैकर

चुनें अपना शहर और जानें कि क्या आपके यहाँ ग्रहण दिखेगा और सूतक मान्य होगा या नहीं।

नियम एवं पूजा विधान

सूतक के दौरान सावधानियाँ और होलिका दहन की शास्त्रोक्त विधि।

🚫 सामान्य निषेध

  • सूतक लगते ही (सुबह 09:43 से) ठोस आहार ग्रहण करना बंद कर दें।
  • बीमार, वृद्ध और बच्चों के लिए यह नियम दोपहर 03:35 के बाद लागू होगा।
  • अपने खाने-पीने की चीजों, पानी और अनाज में पहले से ही 'कुश' या 'तुलसी के पत्ते' डाल दें।

🤰 गर्भवती महिलाओं हेतु

ग्रहण के दौरान घर से बाहर बिल्कुल न निकलें।

सिलाई, कटाई या किसी भी प्रकार की नुकीली चीजों (चाकू, कैंची) का प्रयोग वर्जित है।

मंत्र जाप (ग्रहण के समय):

"तमोमय महाभीम सोमसूर्यविमर्दन। हेमताराप्रदानेन मम शान्तिप्रदो भव॥"

शुभ और मंगलमय होली की अग्रिम शुभकामनाएं!

यह जानकारी पंचांग गणनाओं और शास्त्रसम्मत निर्णयों (निर्णयसिन्धु) पर आधारित है।

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