25 February 2017

डरावने सपने से बचने के लिए और अच्छी नींद के लिए सोने से पहले करे यह काम



डरावने सपने से बचने के लिए और अच्छी  नींद के लिए सोने से पहले करे यह काम

दोस्तों आज मैं आपको इस विडियो द्वारा बहुत ही आसान परन्तु अत्यंत  शक्तिशाली तरीका बतावुंगा जिस से आपको अच्छी नींद भी आयेगी साथ मैं  कभी भी बुरे सपने नहीं सतायेंगे!
    दोस्तों
कहते हैं की स्वस्थ्य ही मनुष्य का सबसे बड़ा धन हैं  और अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है की प्रतिदिन आप सुकून और शांति के साथ पर्याप्त नींद लें। एक अच्छी सेहत के साथ तनाव से मुक्ति पाने के लिए नींद ज़रूरी हैं आपको सुकून भरी नींद न आये या यदि  ! अगर  आपको नींद में बुरे विचार या  डरावने सपने आते हैं तो पर्याप्त नींद गायब सी हो जाती है तथा आप भी तनाव और थकान के साथ चिडचिडेपन का शिकार हो जाते हैं!  ऐसे में स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। हम सपनों में कई बार हम परेशान बच्चे, भटकती आत्माएं, जंगली जानवर, अंधेरे रास्ते या किसी खतरनाक संकट को देखते हैं जिससे आंखें खुल जाती हैं और भयंकर डर लगने लगता है और हम डर से पसीने-पसीने हो जाते हैं! बुरे सपनो का प्रभाव हमें दूसरें दिन भी दिखाई देता है। इससे शारीरिक समस्याओ के साथ साथ मानसिक थकान भी उत्पन्न होती हैं!  कभी कभी पूरे दिन हम उस डरावने सपने के बारे  सोचने लगते हैं!  जो की हमारे कामों में बाधक बनता है। इससे बचना अच्छी सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक है। अगर आपके या आपके किसी साथी साथ भी अगर कुछ ऐसी ही समस्या है तो सोने से पहले करें ये काम। डरावने सपनो से बचने के लिए और अच्छी नींद के लिए आप हमारा यह विडियो शुरू से आखिरी तक देखे !

दोस्तों आज के भागदौड़ भरे ज़माने में किसी भी व्यक्ति का यह सपना होता है की जब वह पूरे दिन कठोर परिश्रम और भागदौड़ करे, तो रात को उसे दो वक़्त का भोजन तथा सुख और चेन की नींद मिले तथा उस नींद में कोई भी भयानक स्वप्न आये.

जागती आंखों से सपने देखना अधिकांश लोगों को सपना अच्छा होता है और ऐसे सपने देखना उनके बस में होता है लेकिन नींद में दिखाई देने वाले सपनो पर हमारा नियत्रण नहीं होता! इसी वजह से अनहोनी घटना दिखती हैं तथा डर लगता हैं, जिससे मन दुखी होता है।

सोने से पहले शास्त्रों के अनुसार बताए गए ज्योतिष के कुछ साधारण से उपाय करके आप नींद में आने वाले बुरे और अशुभ विचारों तथा डरावने सपनों से बच सकते हैं।

 

१. सोने पहले अपने हाथ और पैरो को अच्छे से धो कर सूखे कपडे से पोछ ले !

२. प्रतिदिन रात को सोते समय हनुमान चालीसा का एक बार पाठ करके सोएं, आपको बुरे सपने आना बंद हो जाएंगे।
३. यदि रात में किसी भी तरह का डर लगता हो तो अपने सिरहाने के नीचे एक पीपल की जड़ तथा उसकी टहनी का छोटा सा टुकड़ा रखें। ये दोनों ही सूर्यास्त से पहले तोड़े, सूर्यास्त हो जाने पर अगले दिन ही पेड़ की जड़ और टहनी तोड़े।
४. कभी भी उत्तर तथा पश्चिम दिशा में सिर करके नहीं सोना चाहिए। ऎसा करने से शरीर के मैग्नेटिक करंट में बाधा पहुंचती है और दिमाग बैचेन हो जाता है। अक्सर इन दिशाओं में सिर करके सोने वाले चौंक कर उठ जाते हैं। पूर्व को सोने के लिए सबसे अच्छी दिशा माना जाता है। इस दिशा में सिर तथा पश्चिम में पैर करके सोने से अच्छी नींद आती है और बुरे सपनों से भी निजात मिलती है।


५. सपने में यदि बार-बार नदी, झरना या पानी दिखाई दे तो यह पितृ दोष की वजह से हो सकता है। इसके लिए अमावस्या के दिन सफेद चावल, शक्कर और घी मिला कर पीपल के पेड़ पर सूर्यास्त के बाद चढ़ाने से आराम मिलता है।
६. कई बार घर में नकारात्मक ऊर्जा अधिक होने की वजह से भी बुरे सपने आने लगते हैं। इसके लिए घर से नकारात्मक ऊर्जा को हटाना जरूरी होता है। प्रतिदिन सुबह घर में सेंधा नमक मिले पानी का पौंछा लगाने से भी आराम मिलता है। इसके अलावा यदि घर में रोज शाम को सूर्यास्त के समय धूप या गूगल जला कर धूनी देने से भी नकारात्मक ऊर्जा घर से बाहर निकलती है।

 



7. अच्छी नींद के लिए सोने से पहले ये खाएं
१. दूध
२. केला
३. साबुत अनाज
४. शकरकंद
५. चेरी
8. इसके अलावा यह तीन मंत्र है जो आपको सुकून भरी नींद में सहायक होगे।
1. रामस्कंदम हनुमन्तं वैनतेयं वृकोदरम्
       शयनयः स्मरेन्नित्यं दुःस्वपनम तस्य नाशयति।
यह मंत्र श्री हनुमान, गारुद और भीम को समर्पित है। इस मंत्र के जाप से अच्छी नींद आती है और बुरे सपने नहीं आते हैं!
२. या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमोनमः।।
    यह मंत्र देवी दुर्गा माता जी को समर्पित  है जिसका जाप कर आप अच्छी निद्रा का सुख ले सकते हैं!
३. नान्या स्पृहा रघुपते हृदयस्मदीये
सत्यं वदामि भवानखिलान्तारात्मा।
भक्तिं प्रयच्छ रघुपपुंगव निर्भरां मे
कामादिदोषरहितं कुरु मानसं च।
यह अद्भुत और चमत्कारी मंत्र गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीरामचरित मानस का हैं। रात को अच्छी नींद के लिए इस मंत्र का जप जरूर करना चाहिए!

06 February 2017

Rochak Deshi Nuskhe | रामबाण इलाज़ | रोचक जानकारी | घरेलु इलाज़

देशी नुस्खे 

घरेलु इलाज़ 

रोचक जानकारी


👉 आंवला

किसी भी रूप में थोड़ा सा

आंवला हर रोज़ खाते रहे,

जीवन भर उच्च रक्तचाप

और हार्ट फेल नहीं होगा।


👉 मेथी

मेथीदाना पीसकर रख ले।

एक चम्मच एक गिलास

पानी में उबाल कर नित्य पिए।

मीठा, नमक कुछ भी नहीं डाले।

इस से आंव नहीं बनेगी,

शुगर कंट्रोल रहेगी और

जोड़ो के दर्द नहीं होंगे

और पेट ठीक रहेगा।


👉 नेत्र स्नान

मुंह में पानी का कुल्ला भर कर

नेत्र धोये।

ऐसा दिन में तीन बार करे।

जब भी पानी के पास जाए

मुंह में पानी का कुल्ला भर ले

और नेत्रों पर पानी के छींटे मारे, धोये।

मुंह का पानी एक मिनट बाद

निकाल कर पुन: कुल्ला भर ले।

मुंह का पानी गर्म ना हो इसलिए

बार बार कुल्ला नया भरते रहे।


भोजन करने के बाद गीले हाथ

तौलिये से नहीं पोंछे।

आपस में दोनों हाथो को रगड़ कर

चेहरा व कानो तक मले।

इससे आरोग्य शक्ति बढ़ती हैं।

नेत्र ज्योति ठीक रहती हैं।


👉 शौच

ऐसी आदत डाले के नित्य

शौच जाते समय दाँतो को

आपस में भींच कर रखे।

इस से दांत मज़बूत रहेंगे,

तथा लकवा नहीं होगा।


👉 छाछ

तेज और ओज बढ़ने के लिए

छाछ का निरंतर सेवन

बहुत हितकर हैं।

सुबह और दोपहर के भोजन में

नित्य छाछ का सेवन करे।

भोजन में पानी के स्थान पर

छाछ का उपयोग बहुत हितकर हैं।


👉 सरसों तेल

सर्दियों में हल्का गर्म सरसों तेल

और गर्मियों में ठंडा सरसों तेल

तीन बूँद दोनों कान में

कभी कभी डालते रहे।

इस से कान स्वस्थ रहेंगे।


👉 निद्रा

दिन में जब भी विश्राम करे तो

दाहिनी करवट ले कर सोएं। और

रात में बायीं करवट ले कर सोये।

दाहिनी करवट लेने से बायां स्वर

अर्थात चन्द्र नाड़ी चलेगी, और

बायीं करवट लेने से दाहिना स्वर

अर्थात सूर्य स्वर चलेगा।


👉 ताम्बे का पानी

रात को ताम्बे के बर्तन में

रखा पानी सुबह उठते बिना

कुल्ला किये ही पिए,

निरंतर ऐसा करने से आप

कई रोगो से बचे रहेंगे।

ताम्बे के बर्तन में रखा जल

गंगा जल से भी अधिक

शक्तिशाली माना गया हैं।


👉 सौंठ

सामान्य बुखार, फ्लू, जुकाम

और कफ से बचने के लिए

पीसी हुयी आधा चम्मच सौंठ

और ज़रा सा गुड एक गिलास पानी में

इतना उबाले के आधा पानी रह जाए।

रात को सोने से पहले यह पिए।

बदलते मौसम, सर्दी व वर्षा के

आरम्भ में यह पीना रोगो से बचाता हैं।

सौंठ नहीं हो तो अदरक का

इस्तेमाल कीजिये।


👉 टाइफाइड

चुटकी भर दालचीनी की फंकी

चाहे अकेले ही चाहे शहद के साथ

दिन में दो बार लेने से

टाइफाईड नहीं होता।


👉 ध्यान

 हर रोज़ कम से कम 15 से 20

मिनट मैडिटेशन ज़रूर करे।


👉 नाक

रात को सोते समय नित्य

सरसों का तेल नाक में लगाये।

हर तीसरे दिन दो कली लहसुन

रात को भोजन के साथ ले।

प्रात: दस तुलसी के पत्ते और

पांच काली मिर्च नित्य चबाये।

सर्दी, बुखार, श्वांस रोग नहीं होगा।

नाक स्वस्थ रहेगी।


👉 मालिश

स्नान करने से आधा घंटा पहले

सर के ऊपरी हिस्से में

सरसों के तेल से मालिश करे।

इस से सर हल्का रहेगा,

मस्तिष्क ताज़ा रहेगा।

रात को सोने से पहले

पैर के तलवो, नाभि,

कान के पीछे और

गर्दन पर सरसों के तेल की

मालिश कर के सोएं।

निद्रा अच्छी आएगी,

मानसिक तनाव दूर होगा।

त्वचा मुलायम रहेगी।

सप्ताह में एक दिन पूरे शरीर में

मालिश ज़रूर करे।


👉 योग और प्राणायाम

 नित्य कम से कम आधा घंटा

योग और प्राणायाम का

अभ्यास ज़रूर करे।


👉 हरड़

हर रोज़ एक छोटी हरड़

भोजन के बाद दाँतो तले रखे

और इसका रस धीरे धीरे

पेट में जाने दे।

जब काफी देर बाद ये हरड़

बिलकुल नरम पड़ जाए

तो चबा चबा कर निगल ले।

इस से आपके बाल कभी

सफ़ेद नहीं होंगे,

दांत 100 वर्ष तक निरोगी रहेंगे

और पेट के रोग नहीं होंगे।


👉 सुबह की सैर

सुबह सूर्य निकलने से पहले

पार्क या हरियाली वाली जगह पर

सैर करना सम्पूर्ण स्वस्थ्य के लिए

बहुत लाभदायक हैं।

इस समय हवा में प्राणवायु का

बहुत  संचार रहता हैं।

जिसके सेवन से हमारा पूरा शरीर

रोग मुक्त रहता हैं और हमारी

रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती हैं।


👉 घी खाये मांस बढ़े,

  अलसी खाये खोपड़ी,

     दूध पिये शक्ति बढ़े,

 भुला दे सबकी हेकड़ी।


👉तेल तड़का छोड़ कर

       नित घूमन को जाय,

       मधुमेह का नाश हो

     जो जन अलसी खाय ।।

05 February 2017

Hindu Festivals 2017 के हमारे प्रमुख त्यौहार

2017 के हमारे प्रमुख त्यौहार



जनवरी


05 जनवरी   गुरुवार    गुरु गोविंद जयंती

09 जनवरी   सोमवार   पुत्रदा एकादशी

12 जनवरी   गुरुवार    पौष पूर्णिमा

14 जनवरी   शनिवार   मकर संक्रांति

15 जनवरी   रविवार    माघ चौथ व्रत

23 जनवरी   सोमवार   षटतिला एकादशी

27 जनवरी   शुक्रवार   मौनी अमावस्या

31 जनवरी   मंगलवार  गणेश जयंती


फरवरी


01 फरवरी   बुधवार     वसंत पंचमी

07 फरवरी   मंगलवार   जया एकादशी

10 फरवरी   शुक्रवार    माघी पूर्णिमा, चंद्र ग्रहण

14 फरवरी   मंगलवार   अंगारकी चतुर्थी

22 फरवरी   बुधवार     विजया एकादशी

24 फरवरी   शुक्रवार    महाशिवरात्रि

28 फरवरी   मंगलवार   फुलैरा दूज


मार्च  


08 मार्च   बुधवार    आमलकी एकादशी

12 मार्च   रविवार    होलिका दहन

13 मार्च   सोमवार   होली

20 मार्च   सोमवार   शीतला अष्टमी, बासोड़ा

24 मार्च   शुक्रवार   पापमोचनी एकादशी

28 मार्च   मंगलवार  गुडी पाडवा, चैत्र नवरात्रि प्रारंभ

30 मार्च   गुरुवार    गणगौर


अप्रैल 


02 अप्रैल   रविवार    चैती छठ

05 अप्रैल   बुधवार    श्री राम नवमी

07 अप्रैल   शुक्रवार   कामदा एकादशी

09 अप्रैल   रविवार    महावीर जयंती

11 अप्रैल   मंगलवार  श्री हनुमान जयंती

14 अप्रैल   शुक्रवार   बैशाख चौथ व्रत

23 अप्रैल   रविवार    बरुथिनी एकादशी

28 अप्रैल   शुक्रवार   अक्षय तृतीया


मई 


04 मई   गुरुवार    सीता नवमी

06 मई   शनिवार   मोहिनी एकादशी

09 मई   मंगलवार  श्री नृसिंह जयंती

10 मई   बुधवार    बुद्ध-पूर्णिमा

22 मई   सोमवार   अपरा एकादशी

25 मई   गुरुवार    वट सावित्री व्रत


जून 


03 जून   शनिवार   महेश नवमी

05 जून   सोमवार   निर्जला एकादशी

08 जून   गुरुवार     वट पूर्णिमा

13 जून   मंगलवार  अंगारकी चतुर्थी

20 जून   मंगलवार  योगिनी एकादशी

25 जून   रविवार    श्री जगन्नाथ रथयात्रा


जुलाई  


04 जुलाई   मंगलवार  देवशयनी एकादशी

09 जुलाई   रविवार    गुरू पूर्णिमा

10 जुलाई   सोमवार   श्रावण मासारंभ

20 जुलाई   गुरुवार    कामदा एकादशी

26 जुलाई   बुधवार    हरियाली तीज


अगस्त  


03 अगस्त   गुरुवार    पुत्रदा एकादशी

07 अगस्त   सोमवार   रक्षाबंधन, चंद्र ग्रहण

10 अगस्त   गुरुवार    कजरी तीज, सातूड़ी तीज

11 अगस्त   शुक्रवार   भादवा चौथ व्रत

15 अगस्त   मंगलवार  श्री कृष्ण जन्माष्टमी

18 अगस्त   शुक्रवार   अजा एकादशी

21 अगस्त   सोमवार   सोमवती अमावस्या

25 अगस्त   शुक्रवार   गणेश चतुर्थी

26 अगस्त   शनिवार   ऋषिपंचमी

29 अगस्त   मंगलवार  राधाष्टमी


सितंबर


02 सितंबर   शनिवार   परिवर्तनी एकादशी

05 सितंबर   मंगलवार  अनंत चतुर्दशी

06 सितंबर   बुधवार    भाद्र पूर्णिमा, प्रतिपदा श्राद्ध

16 सितंबर   शनिवार   इंदिरा एकादशी

19 सितंबर   मंगलवार  पितृविसर्जन

21 सितंबर   बुधवार    शारदीय नवरात्रि

28 सितंबर   गुरुवार    दुर्गा अष्टमी

29 सितंबर   शुक्रवार   महानवमी हवन

30 सितंबर   शनिवार   विजयादशमी


अक्टूबर 


01 अक्टूबर   रविवार    पापांकुशा एकादशी

05 अक्टूबर   गुरुवार    शरद पूर्णिमा

08 अक्टूबर   रविवार    करवा चौथ

15 अक्टूबर   रविवार    रमा एकादशी

17 अक्टूबर   मंगलवार  धनत्रयोदशी

19 अक्टूबर   गुरुवार    दीपावली

20 अक्टूबर   शुक्रवार   गोवर्धन पूजा

21 अक्टूबर   शनिवार   भैया दूज

25 अक्टूबर   बुधवार    लाभ पंचमी

28 अक्टूबर   शनिवार   गोपाष्टमी

31 अक्टूबर   मंगलवार  देवोत्थान एकादशी


नवंबर


01 नवंबर   बुधवार    तुलसी विवाह

03 नवंबर   शुक्रवार   देव दीपावली

07 नवंबर   मंगलवार  अंगारकी चतुर्थी

14 नवंबर   मंगलवार  उत्पन्ना एकादशी

23 नवम्बर  गुरुवार    विवाह पंचमी

30 नवंबर   गुरुवार    मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती


दिसंबर  


03 दिसंबर   रविवार    दत्तात्रेय जयंती

13 दिसंबर   बुधवार    सफला एकादशी

29 दिसंबर   शुक्रवार   पुत्रदा एकादशी

03 February 2017

30 motivational thoughts that a life could change hindi

30 प्रेरणादायिक सुविचार जो किसी कि ज़िन्दगी बदल सकता है॥


🍁 Quote 1 . जब लोग आपको Copy करने लगें तो समझ लेना ज़िंदगी में Success हो रहे हों.


🍁 Quoted 2 . कमाओ…कमाते रहो और तब तक कमाओ, जब तक महंगी चीज सस्ती न लगने लगे.


🍁 Quote 3 . जिस व्यक्ति का लालच खत्म, उसकी तरक्की भी खत्म.


🍁 Quote 4 . यदि “Plan A” काम नही कर रहा, तो कोई बात नही 25 और Letters बचे हैं उन पर Try करों.


🍁 Quote 5 . जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं कि उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की.


🍁 Quote 6 . भीड़ हौंसला तो देती हैं लेकिन पहचान छिन लेती हैं.


🍁 Quote 7 . अगर किसी चीज़ को दिल से चाहो तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने में लग जाती हैं.


🍁 Quote 8 . कोई भी महान व्यक्ति अवसरों की कमी के बारे में शिकायत नहीं करता.


🍁 Quote 9 . महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है.


🍁 Quote 10 . जिस चीज में आपका Interest हैं उसे करने का कोई टाईम फिक्स नही होता. चाहे रात के दो ही क्यों न बजे हो.


🍁 Quote 11 . अगर आप चाहते हैं कि, कोई चीज अच्छे से हो तो उसे खुद कीजिये.


🍁 Quote 12 . सिर्फ़  खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते.


🍁 Quote 13 . जीतने वाले अलग चीजें नहीं करते, वो चीजों को अलग तरह से करते हैं.


🍁 Quote 14 . जितना कठिन संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी.


🍁 Quote 15 . यदि लोग आपके लक्ष्य पर हंस नहीं रहे हैं तो समझो आपका लक्ष्य बहुत छोटा हैं.


🍁 Quote 16 . विफलता के बारे में चिंता मत करो, आपको बस एक बार ही सफल होना हैं.


🍁 Quote 17 . सब कुछ कुछ नहीं से शुरू होता है.


🍁 Quote 18 . हुनर तो सब में होता हैं फर्क बस इतना होता हैं किसी का छिप जाता हैं तो किसी का छप जाता हैं.


🍁 Quote 19 . दूसरों को सुनाने के लिऐ अपनी आवाज ऊँची मत करिऐ, बल्कि अपना व्यक्तित्व इतना ऊँचा बनाऐं कि आपको सुनने की लोग मिन्नत करें.


🍁 Quote 20 . अच्छे काम करते रहिये चाहे लोग तारीफ करें या न करें आधी से ज्यादा दुनिया सोती रहती है ‘सूरज’ फिर भी उगता हैं.


🍁 Quote 21 . पहचान से मिला काम थोडे समय के लिए रहता हैं लेकिन काम से मिली पहचान उम्रभर रहती हैं.


🍁 Quote 22 . जिंदगी अगर अपने हिसाब से जीनी हैं तो कभी किसी के फैन मत बनो.


🍁 Quote 23 . जब गलती अपनी हो तो हमसे बडा कोई वकील नही जब गलती दूसरों की हो तो हमसे बडा कोई जज नही.


🍁 Quote 24 . आपका खुश रहना ही आपका बुरा चाहने वालो के लिए सबसे बडी सज़ा हैं.


🍁 Quote 25 . कोशिश करना न छोड़े, गुच्छे की आखिरी चाबी भी ताला खोल सकती हैं.


🍁 Quote 26 . इंतज़ार करना बंद करो, क्योकिं सही समय कभी नही आता.


🍁 Quote 27 . जिस दिन आपके हस्ताक्षर  Autograph में बदल जाएंगे, उस दिन आप बड़े आदमी बन जाओगें.


🍁 Quote 28 . काम इतनी शांति से करो कि सफलता शोर मचा दे.


🍁 Quote 29 . बडे़ सपने देखो और उन्हें हकीकत में बदलनें की कोशिश करो.


🍁 Quote 30 . अगर एक हारा हुआ इंसान हारने के बाद भी मुस्करा दे तो जीतने वाला भी जीत की खुशी खो देता हैं. ये है *मुस्कान की ताकत

01 February 2017

रामायण कथा जिससे हमे सीख मिलती है

रामायण कथा का एक अंश

जिससे हमे सीख मिलती है "एहसास" की...🌹

 

श्री राम, लक्ष्मण एवम् सीता' मैया चित्रकूट पर्वत की ओर जा रहे थे,

राह बहुत पथरीली और कंटीली थी !

की यकायक श्री राम के चरणों मे कांटा चुभ गया !

रामायण कथा

रामायण कथा

श्रीराम रूष्ट या क्रोधित नहीं हुए, बल्कि हाथ जोड़कर धरती माता से अनुरोध करने लगे !

बोले- "माँ, मेरी एक विनम्र प्रार्थना है आपसे, क्या आप स्वीकार करेंगी ?"

धरती बोली- "प्रभु प्रार्थना नहीं, आज्ञा दीजिए !"

प्रभु बोले, "माँ, मेरी बस यही विनती है कि जब भरत मेरी खोज मे इस पथ से गुज़रे, तो आप नरम हो जाना !

कुछ पल के लिए अपने आँचल के ये पत्थर और कांटे छुपा लेना !

मुझे कांटा चुभा सो चुभा, पर मेरे भरत के पाँव मे आघात मत करना"

श्री राम को यूँ व्यग्र देखकर धरा दंग रह गई !

पूछा- "भगवन, धृष्टता क्षमा हो ! पर क्या भरत आपसे अधिक सुकुमार है ?

जब आप इतनी सहजता से सब सहन कर गए, तो क्या कुमार भरत सहन नही कर पाँएगें ?

फिर उनको लेकर आपके चित मे ऐसी व्याकुलता क्यों ?"

श्री राम बोले- "नही...नही माते, आप मेरे कहने का अभिप्राय नही समझीं ! भरत को यदि कांटा चुभा, तो वह उसके पाँव को नही, उसके हृदय को विदीर्ण कर देगा !"

"हृदय विदीर्ण !! ऐसा क्यों प्रभु ?",

धरती माँ जिज्ञासा भरे स्वर में बोलीं !

"अपनी पीड़ा से नहीं माँ, बल्कि यह सोचकर कि...इसी कंटीली राह से मेरे भैया राम गुज़रे होंगे और ये शूल उनके पगों मे भी चुभे होंगे !

मैया, मेरा भरत कल्पना मे भी मेरी पीड़ा सहन नहीं कर सकता, इसलिए उसकी उपस्थिति मे आप कमल पंखुड़ियों सी कोमल बन जाना..!!"

अर्थात

रिश्ते अंदरूनी एहसास, आत्मीय अनुभूति के दम पर ही टिकते हैं ।

जहाँ गहरी आत्मीयता नही, वो रिश्ता शायद नही परंतु दिखावा हो सकता है ।

इसीलिए कहा गया है कि...

रिश्तेखून से नहीं, परिवार से नही,

मित्रता से नही, व्यवहार से नही,

बल्कि...

सिर्फ और सिर्फ आत्मीय "एहसास" से ही बनते और निर्वहन किए जाते हैं।

जहाँ एहसास ही नहीं,

आत्मीयता ही नहीं ..

वहाँ अपनापन कहाँ से आएगा l