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31 October 2023

करवा चौथ व्रत का चांद कितने बजे निकलेगा | शुभ मुहूर्त | Karwa Chauth Vrat ka Shubh Muhurat 2023 | Aaj Chand kitne baje niklega

करवा चौथ व्रत का चांद कितने बजे निकलेगा | शुभ मुहूर्त | Karwa Chauth Vrat ka Shubh Muhurat 2023 | Aaj Chand kitne baje niklega 

Karwa Chauth Vrat Muhurat 2023
Karwa Chauth Vrat ka Shubh Muhurat 2023


          हे श्री गणेश भगवान्, हे माँ गौरी,

जिस प्रकार करवा को चिर सुहागन का वरदान प्राप्त हुआ,

वैसा ही वरदान संसार की प्रत्येक सुहागिनों को प्राप्त हो।

 

करवा चौथ सनातन हिन्दु धर्म का एक प्रमुख पर्व हैं। यह त्यौहार पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के साथ-साथ सम्पूर्ण भारत-वर्ष में भिन्न-भिन्न विधि-विधान तथा भिन्न-भिन्न परंपराओं के साथ धूमधाम से मनाया जाता हैं। करवा चौथ को करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ शरद पूर्णिमा से चौथे दिवस अर्थात कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के शुभ दिवस मनाया जाता हैं। वहीं गुजरात, महाराष्ट्र तथा दक्षिणी भारत में करवा चौथ आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता हैं। तथा अङ्ग्रेज़ी कैलेंडर के अनुसार यह पर्व अक्तूबर या नवंबर के महीने में आता है। करवा चौथ के व्रत में सम्पूर्ण शिव-परिवार अर्थात शिव जी, पार्वती जी, नंदी जी, गणेश जी तथा कार्तिकेय जी की विधिपूर्वक पूजा करने का विधान हैं। करवा या करक मिट्टी के पात्र को कहा जाता हैं, जिससे चन्द्रमा को जल अर्पण किया जाता है, जल अर्पण करने को ही अर्घ्य देना कहते हैं।

करवा चौथ का पावन व्रत सौभाग्यवती स्त्रियाँ अपने पति की दिर्ध आयु तथा अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए रखती हैं तथा अविवाहित कन्याएँ भी उत्तम जीवनसाथी की प्राप्ति हेतु करवा चौथ के दिवस निर्जला उपवास रखती हैं तथा चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही अपने व्रत का पारण करती हैं। यह व्रत प्रातः सूर्योदय से पूर्व ४ बजे से प्रारम्भ होकर रात्रि में चंद्र-दर्शन के पश्चात ही संपूर्ण होता हैं। पंजाब तथा हरियाणा में सूर्योदय से पूर्व सरगी के साथ इस व्रत का शुभारम्भ होता हैं। सरगी करवा चौथ के दिवस सूर्योदय से पूर्व किया जाने वाला भोजन होता हैं। जो महिलाएँ इस दिवस व्रत रखती हैं उनकी सासुमाँ उनके लिए सरगी बनाती हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान में इस पर्व पर गौर माता की पूजा की जाती हैं। गौर माता की पूजा के लिए प्रतिमा गौ - माता के गोबर से बनाई जाती हैं।

 


आज हम आपको इस विडियो के माध्यम से बताते हैं, कारवाँ चौथ व्रत की पूजा का अत्यंत शुभ मुहूर्त तथा भारत के प्रत्येक प्रमुख नगरों में करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय-

 

करवा चौथ के दिवस चंद्रमा उदय होने का समय प्रत्येक महिलाओं के लिए अत्यंत विशेष महत्वपूर्ण होता हैं, क्योंकि वे अपने पति की दिर्ध आयु के लिये सम्पूर्ण दिवस निर्जल व्रत रहती हैं तथा केवल उदित सम्पूर्ण चन्द्रमाँ के दर्शन करने के पश्चात ही जल ग्रहण कर सकती हैं। यह मान्यता हैं कि, चन्द्रमाँ को देखे बिना यह व्रत पूर्ण नहीं माना जाता हैं तथा कोई भी महिला कुछ भी खा नहीं सकती हैं ना ही जल ग्रहण सकती कर हैं। करवा चौथ व्रत तभी पूर्ण माना जाता हैं जब महिला उदित सम्पूर्ण चन्द्रमाँ को एक छलनी में घी का दीपक रखकर देखती हैं तथा चन्द्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति के हाथों से जल ग्रहण करती हैं।

 

करवा चौथ व्रत

इस वर्ष, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 31 अक्तूबर, मंगलवार की रात्रि 09 बजकर 30 मिनिट से प्रारम्भ हो कर, 01 नवंबर, बुधवार की रात्रि 09 बजकर 19 मिनिट तक व्याप्त रहेगी।

 

अतः इस वर्ष 2023 में करवा चौथ का व्रत 01 नवंबर, बुधवार के दिन किया जाएगा।

तथा यह व्रत प्रातः 06:33 से साँय 20:16 तक रखना चाहिए।

 

करवा चौथ के व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 01 नवंबर, बुधवार की साँय 05 बजकर 38 मिनट से 06 बजकर 54 मिनट तक का रहेगा।

करवा चौथ पर चन्द्रमा मॄगशिरा नक्षत्र तथा मिथुन राशि में रहेंगे। जिसका कारक बुध ग्रह होता है, जो की पति-पत्नी के मध्य अटूट प्रेम का कारक है।

 

करवाचौथ के दिवस चन्द्रमाँ का उदय भारतवर्ष में 08 बजकर 16 मिनट पर होने का अनुमान हैं। तथा आपके नगर में करवा चौथ पर चन्द्रोदय का अनुमानित समय कुछ इस प्रकार से हैं -

 

भारत के प्रमुख नगरों में करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय इस प्रकार रहेगा।

अहमदाबाद - 08:35 पर चंद्रोदय होगा।

दिल्ली - 08:10 पर चंद्रोदय होगा।

लखनऊ - 07:58 पर चंद्रोदय होगा।

कोलकाता - 07:34 पर चंद्रोदय होगा।

मुंबई - 08:42 पर चंद्रोदय होगा।

जयपुर - 08:19 पर चंद्रोदय होगा।

बैंगलोर - 08.31 पर चंद्रोदय होगा।

चेन्नई - 08:22 पर चंद्रोदय होगा।

वाराणसी – 07:54 पर चंद्रोदय होगा।

नडियाद - 9:03 पर चंद्रोदय होगा।

गाज़ियाबाद - 08:09 पर चंद्रोदय होगा।

गुरुग्राम - 08:11 पर चंद्रोदय होगा।

फरीदाबाद - 08:10 पर चंद्रोदय होगा।

मेरठ - 08:08 पर चंद्रोदय होगा।

रोहतक - 08:09 पर चंद्रोदय होगा।

करनाल - 08:09 पर चंद्रोदय होगा।

हिसार - 08:15 पर चंद्रोदय होगा।

सोनीपत - 08:10 पर चंद्रोदय होगा।

कुरुक्षेत्र - 08:10 पर चंद्रोदय होगा।

पानीपत - 08:11 पर चंद्रोदय होगा।

चंडीगढ़ - 08:07 पर चंद्रोदय होगा।

अमृतसर - 08:12 पर चंद्रोदय होगा।

अंबाला - 08:10 पर चंद्रोदय होगा।

जालंधर - 08:13 पर चंद्रोदय होगा।

पटियाला - 08:11 पर चंद्रोदय होगा।

लुधियाना - 08:11 पर चंद्रोदय होगा।

जम्मू - 08:14 पर चंद्रोदय होगा।

पंचकूला - 08:07 पर चंद्रोदय होगा।

देहरादून - 08:04 पर चंद्रोदय होगा।

शिमला - 08:06 पर चंद्रोदय होगा।

इंदौर - 08:24 पर चंद्रोदय होगा।

ग्वालियर - 08:10 पर चंद्रोदय होगा।

कानपुर - 08:02 पर चंद्रोदय होगा।

प्रयागराज – 07:57 पर चंद्रोदय होगा।

उदयपुर - 08:29 पर चंद्रोदय होगा।

अजमेर - 08:24 पर चंद्रोदय होगा।

जोधपुर - 08:31 पर चंद्रोदय होगा।

पटना - 07:44 पर चंद्रोदय होगा।

 


In the major cities of India, the time of moonrise on Karva Chauth Vrat 2023 will be like this: -

Ahmedabad - Moonrise will be at 08:35 hrs.

Delhi - Moonrise will be at 08:10 hrs.

Lucknow - Moonrise will be at 07:58 hrs.

Kolkata - Moonrise will be at 07:34 hrs.

Mumbai - Moonrise will be at 08:42 hrs.

Jaipur - Moonrise will be at 08:19 hrs.

Bangalore - Moonrise will be at 08.31 hrs.

Chennai - Moonrise will be at 08:22 hrs.

Varanasi – Moonrise will be at 07:54 hrs.

Nadiad - Moonrise will be at 9:03 hrs.

Ghaziabad - Moonrise will be at 08:09 hrs.

Gurugram - Moonrise will be at 08:11 hrs.

Faridabad - Moonrise will be at 08:10 hrs.

Meerut - Moonrise will be at 08:08 hrs.

Rohtak - Moonrise will be at 08:09 hrs.

Karnal - Moonrise will be at 08:09 hrs.

Hisar - Moonrise will be at 08:15 hrs.

Sonipat - Moonrise will be at 08:10 hrs.

Kurukshetra – Moonrise will be at 08:10 hrs.

Panipat - Moonrise will be at 08:11 hrs.

Chandigarh - Moonrise will be at 08:07 hrs.

Amritsar - Moonrise will be at 08:12 hrs.

Ambala - Moonrise will be at 08:10 hrs.

Jalandhar - Moonrise will be at 08:13 hrs.

Patiala - Moonrise will be at 08:11 hrs.

Ludhiana - Moonrise will be at 08:11 hrs.

Jammu - Moonrise will be at 08:14 hrs.

Panchkula - Moonrise will be at 08:07 hrs.

Dehradun - Moonrise will be at 08:04 hrs.

Shimla - Moonrise will be at 08:06 hrs.

Indore - Moonrise will be at 08:24 hrs.

Gwalior - Moonrise will be at 08:10 hrs.

Kanpur - Moonrise will be at 08:02 hrs.

Prayagraj – Moonrise will be at 07:57 hrs.

Udaipur - Moonrise will be at 08:29 hrs.

Ajmer - Moonrise will be at 08:24 hrs.

Jodhpur - Moonrise will be at 08:31 hrs.

Patna - Moonrise will be at 07:44 hrs.

 

यदि करवा चौथ के संदर्भ में आपका कोई प्रश्न हैं या आप इस व्रत की अन्य जानकारी चाहते हैं, तो कृपया नीचे टिप्पणी कीजिए।

 

09 January 2023

संकष्टी चतुर्थी व्रत के दिन चन्द्रोदय का समय 2023 Aaj Chand Nikalne kitne baje niklega | Chandrodaya ka Samay

संकष्टी चतुर्थी व्रत के दिन चन्द्रोदय का समय 2023 Aaj Chand Nikalne kitne baje niklega | Chandrodaya ka Samay 

sakat chauth chand kitne baje niklega
sakat chauth chand kitne baje niklega

🌷 विघ्नों तथा मुसीबते दूर करने के लिए 🌷

👉 कृष्ण पक्ष की चतुर्थी।
🙏🏻 शिव पुराण में आता है कि प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (पूनम के पश्चात) के दिन प्रातः श्री गणेशजी का पूजन करें तथा रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें तथा ये मंत्र बोलें :
🌷 ॐ गं गणपते नमः ।
🌷 ॐ सोमाय नमः ।
 
 

🌷 चतुर्थी तिथि विशेष 🌷

🙏🏻 चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेशजी हैं।
📆 हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती हैं।
🙏🏻 पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।
🙏🏻 शिवपुराण के अनुसार महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥
अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली तथा एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।
 
 

🌷 कोई कष्ट हो तो 🌷

🙏🏻 हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट तथा समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |
👉🏻 छः मंत्र इस प्रकार हैं
🌷 ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।
🌷 ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तोभैरव देख दुष्ट घबराये ।
🌷 ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।
🌷 ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है तथा अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । तथा जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।
🌷 ॐ अविघ्नाय नम:
🌷 ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:
हिन्दु के अनुसार प्रत्येक चंद्र मास में दो चतुर्थी होती हैं। सनातन हिन्दू ग्रन्थों के अनुसार चतुर्थी तिथि भगवान गणेश की तिथि हैं। अमावस के पश्चात आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी कहते हैं तथा पूर्णिमा के पश्चात आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं।
चतुर्थी के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें तथा रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें तथा ये मंत्र बोलें :
🌷 ॐ गं गणपते नमः ।
🌷 ॐ सोमाय नमः ।
 

🌷 चतुर्थी तिथि विशेष 🌷

🙏🏻 चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेशजी हैं।
📆 हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो #चतुर्थी होती है।
🙏🏻 पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।
🙏🏻 शिवपुराण के अनुसार महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥
अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली तथा एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।
 
 

संकष्टी चतुर्थी व्रत 2023 चन्द्रोदय का समय

 
जनवरी 10, 2023, मंगलवार
सकट चौथ
लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी
08:41 पी एम
माघ, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 12:09 पी एम, जनवरी 10
समाप्त - 02:31 पी एम, जनवरी 11
 
फरवरी 9, 2023, बृहस्पतिवार
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी
09:18 पी एम
फाल्गुन, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 06:23 ए एम, फरवरी 09
समाप्त - 07:58 ए एम, फरवरी 10
 
मार्च 11, 2023, शनिवार
भालचन्द्र संकष्टी चतुर्थी
10:03 पी एम
चैत्र, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 09:42 पी एम, मार्च 10
समाप्त - 10:05 पी एम, मार्च 11
 
अप्रैल 9, 2023, रविवार
विकट संकष्टी चतुर्थी
10:02 पी एम
वैशाख, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 09:35 ए एम, अप्रैल 09
समाप्त - 08:37 ए एम, अप्रैल 10
 
मई 8, 2023, सोमवार
एकदन्त संकष्टी चतुर्थी
10:04 पी एम
ज्येष्ठ, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 06:18 पी एम, मई 08
समाप्त - 04:08 पी एम, मई 09
 
जून 7, 2023, बुधवार
कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी
10:50 पी एम
आषाढ़, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 12:50 ए एम, जून 07
समाप्त - 09:50 पी एम, जून 07
 
जुलाई 6, 2023, बृहस्पतिवार
गजानन संकष्टी चतुर्थी
10:12 पी एम
श्रावण, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 06:30 ए एम, जुलाई 06
समाप्त - 03:12 ए एम, जुलाई 07
 
अगस्त 4, 2023, शुक्रवार
विभुवन संकष्टी चतुर्थी
09:20 पी एम
श्रावण, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 12:45 पी एम, अगस्त 04
समाप्त - 09:39 ए एम, अगस्त 05
 
सितम्बर 3, 2023, रविवार
बहुला चतुर्थी
हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी
08:57 पी एम
भाद्रपद, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 08:49 पी एम, सितम्बर 02
समाप्त - 06:24 पी एम, सितम्बर 03
 
अक्टूबर 2, 2023, सोमवार
विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी
08:05 पी एम
आश्विन, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 07:36 ए एम, अक्टूबर 02
समाप्त - 06:11 ए एम, अक्टूबर 03
 
नवम्बर 1, 2023, बुधवार
करवा चौथ
वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी
08:15 पी एम
कार्तिक, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 09:30 पी एम, अक्टूबर 31
समाप्त - 09:19 पी एम, नवम्बर 01
 
नवम्बर 30, 2023, बृहस्पतिवार
गणाधिप संकष्टी चतुर्थी
07:54 पी एम
मार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 02:24 पी एम, नवम्बर 30
समाप्त - 03:31 पी एम, दिसम्बर 01
 
दिसम्बर 30, 2023, शनिवार
अखुरथ संकष्टी चतुर्थी
08:36 पी एम
पौष, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 09:43 ए एम, दिसम्बर 30
समाप्त - 11:55 ए एम, दिसम्बर 31
 

Sankashti Chaturthi fast 2023 moonrise time

 
January 10, 2023, Tuesday
Sakat Chauth
Lambodar Sankashti Chaturthi
08:41 p.m.
Magha, Krishna Chaturthi
Starts - 12:09 PM, Jan 10
Ends - 02:31 PM, Jan 11
 
February 9, 2023, Thursday
Dwijapriya Sankashti Chaturthi
09:18 p.m.
Falgun, Krishna Chaturthi
Starts - 06:23 am, Feb 09
Ends - 07:58 am, Feb 10
 
March 11, 2023, Saturday
Bhalchandra Sankashti Chaturthi
10:03 p.m.
Chaitra, Krishna Chaturthi
Starts - 09:42 PM, March 10
Ends - 10:05 PM, March 11
 
April 9, 2023, Sunday
Vikat Sankashti Chaturthi
10:02 p.m.
Vaishakh, Krishna Chaturthi
Starts - 09:35 am, Apr 09
Ends - 08:37 am, Apr 10
 
May 8, 2023, Monday
Ekdant Sankashti Chaturthi
10:04 p.m.
Jyestha, Krishna Chaturthi
Starts - 06:18 PM, May 08
Ends - 04:08 PM, May 09
 
June 7, 2023, Wednesday
Krishna Pingal Sankashti Chaturthi
10:50 p.m.
Ashada, Krishna Chaturthi
Starts - 12:50 AM, Jun 07
Ends - 09:50 PM, Jun 07
 
July 6, 2023, Thursday
Gajanan Sankashti Chaturthi
10:12 p.m.
Shravan, Krishna Chaturthi
Starts - 06:30 am, Jul 06
Ends - 03:12 am, Jul 07
 
August 4, 2023, Friday
Vibhuvan Sankashti Chaturthi
09:20 p.m.
Shravan, Krishna Chaturthi
Starts - 12:45 PM, Aug 04
Ends - 09:39 am, Aug 05
 
September 3, 2023, Sunday
bahula chaturthi
Heramb Sankashti Chaturthi
08:57 p.m.
Bhadrapada, Krishna Chaturthi
Starts - 08:49 PM, Sep 02
Ends - 06:24 PM, Sep 03
 
October 2, 2023, Monday
Vighnaraj Sankashti Chaturthi
08:05 p.m.
Ashwin, Krishna Chaturthi
Begins - 07:36 am, Oct 02
Ends - 06:11 am, Oct 03
 
November 1, 2023, Wednesday
karwa chauth
Vakratunda Sankashti Chaturthi
08:15 p.m.
Kartik, Krishna Chaturthi
Starts - 09:30 PM, October 31
Ends - 09:19 PM, Nov 01
 
November 30, 2023, Thursday
Ganadeep Sankashti Chaturthi
07:54 p.m.
Marshish, Krishna Chaturthi
Begins - 02:24 PM, November 30
Ends - 03:31 PM, December 01
 
December 30, 2023, Saturday
Akhurath Sankashti Chaturthi
08:36 p.m.
Poush, Krishna Chaturthi
Starts - 09:43 am, December 30
Ends - 11:55 am, Dec 31

31 January 2021

संकष्टी चतुर्थी व्रत के दिन चन्द्रोदय का समय 2021 | Aaj Chand Nikalne kitne baje niklega | Chandrodaya ka Samay

संकष्टी चतुर्थी व्रत के दिन चन्द्रोदय का समय 2021 Aaj Chand Nikalne kitne baje niklega | Chandrodaya ka Samay 


sakat chauth 2021
sakat chauth  2021

🌷 विघ्नों तथा मुसीबते दूर करने के लिए 🌷
👉 कृष्ण पक्ष की चतुर्थी।
🙏🏻 शिव पुराण में आता है कि प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (पूनम के पश्चात) के दिन प्रातः श्री गणेशजी का पूजन करें तथा रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें तथा ये मंत्र बोलें :
🌷 ॐ गं गणपते नमः ।
🌷 ॐ सोमाय नमः ।
 
 
🌷 चतुर्थी तिथि विशेष 🌷
🙏🏻 चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेशजी हैं।
📆 हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती हैं।
🙏🏻 पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।
🙏🏻 शिवपुराण के अनुसार महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥
➡ “ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली तथा एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।
 
 
🌷 कोई कष्ट हो तो 🌷
🙏🏻 हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट तथा समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |
👉🏻 छः मंत्र इस प्रकार हैं
🌷 ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।
🌷 ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तोभैरव देख दुष्ट घबराये ।
🌷 ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।
🌷 ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है तथा अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । तथा जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।
🌷 ॐ अविघ्नाय नम:
🌷 ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:
हिन्दु के अनुसार प्रत्येक चंद्र मास में दो चतुर्थी होती हैं। सनातन हिन्दू ग्रन्थों के अनुसार चतुर्थी तिथि भगवान गणेश की तिथि हैं। अमावस के पश्चात आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी कहते हैं तथा पूर्णिमा के पश्चात आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं।
चतुर्थी के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें तथा रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें तथा ये मंत्र बोलें :
🌷 ॐ गं गणपते नमः ।
🌷 ॐ सोमाय नमः ।
 
‪🌷 चतुर्थी तिथि विशेष 🌷
🙏🏻 चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेशजी हैं।
📆 हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो #चतुर्थी होती है।
🙏🏻 पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।
🙏🏻 शिवपुराण के अनुसार महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥
➡ “ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली तथा एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।
 
 

संकष्टी चतुर्थी व्रत 2020 चन्द्रोदय का समय

 
अखुरथ संकष्टी चतुर्थी
02 जनवरी, 2021, शनिवार
चन्द्रोदय - 08:59 PM
पौष, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 09:09 AM, जनवरी 02
समाप्त - 08:22 AM, जनवरी 03
 
सकट चौथ, लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी
31 जनवरी, 2021, रविवार
चन्द्रोदय - 08:51 PM
माघ, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 08:24 PM, जनवरी 31
समाप्त - 06:24 PM, फरवरी 01
 
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी
02 मार्च, 2021, मंगलवार
चन्द्रोदय - 09:43 PM
फाल्गुन, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 05:46 AM, मार्च 02
समाप्त - 02:59 AM, मार्च 03
 
भालचन्द्र संकष्टी चतुर्थी
31 मार्च, 2021, बुधवार
चन्द्रोदय - 09:37 PM
चैत्र, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 02:06 PM, मार्च 31
समाप्त - 10:59 AM, अप्रैल 01
 
विकट संकष्टी चतुर्थी
30 अप्रैल, 2021, शुक्रवार
चन्द्रोदय - 10:40 PM
वैशाख, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 10:09 PM, अप्रैल 29
समाप्त - 07:09 PM, अप्रैल 30
 
एकदन्त संकष्टी चतुर्थी
29 मई, 2021, शनिवार
चन्द्रोदय - 10:27 PM
ज्येष्ठ, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 06:33 AM, मई 29
समाप्त - 04:03 AM, मई 30
 
कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी
27 जून, 2021, रविवार
चन्द्रोदय - 09:58 PM
आषाढ़, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 03:54 PM, जून 27
समाप्त - 02:16 PM, जून 28
 
गजानन संकष्टी चतुर्थी
27 जुलाई, 2021, मंगलवार
चन्द्रोदय - 09:52 PM
श्रावण, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 02:54 AM, जुलाई 27
समाप्त - 02:28 AM, जुलाई 28
 
हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी, बहुला चतुर्थी
25 अगस्त, 2021, बुधवार
चन्द्रोदय - 08:56 PM
भाद्रपद, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 04:18 PM, अगस्त 25
समाप्त - 05:13 PM, अगस्त 26
 
विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी
24 सितम्बर, 2021, शुक्रवार
चन्द्रोदय - 08:33 PM
आश्विन, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 08:29 AM, सितम्बर 24
समाप्त - 10:36 AM, सितम्बर 25
 
वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी, करवा चौथ
24 अक्तूबर, 2021, रविवार
चन्द्रोदय - 08:26 PM
कार्तिक, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 03:01 AM, अक्तूबर 24
समाप्त - 05:43 AM, अक्तूबर 25
 
गणाधिप संकष्टी चतुर्थी
23 नवम्बर, 2021, मंगलवार
चन्द्रोदय - 08:46 PM
मार्गशीर्ष, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 10:26 PM, नवम्बर 22
समाप्त - 12:55 AM, नवम्बर 24
 
अखुरथ संकष्टी चतुर्थी
22 दिसम्बर, 2021, बुधवार
चन्द्रोदय - 08:30 PM
पौष, कृष्ण चतुर्थी
प्रारम्भ - 04:52 PM, दिसम्बर 22
समाप्त - 06:27 PM, दिसम्बर 23
 

Sankashti Chaturthi fast 2020 moonrise time

 
Akhurath Sankashti Chaturthi
02 January 2021, Saturday
Moonrise - 08:59 PM
Paush, Krishna Chaturthi
Start - 09:09 AM, January 02
Ends - 08:22 AM, January 03
 
Sakat Chauth, Lambodar Sankashti Chaturthi
January 31, 2021, Sunday
Moonrise - 08:51 PM
Magha, Krishna Chaturthi
Start - 08:24 PM, January 31
Ends - 06:24 PM, February 01
 
Dwijpari Sankashti Chaturthi
02 March 2021 Tuesday
Moonrise - 09:43 PM
Phalgun, Krishna Chaturthi
Start - 05:46 AM, March 02
Ends - 02:59 AM, March 03
 
Bhalchandra Sankashti Chaturthi
March 31, 2021, Wednesday
Moonrise - 09:37 PM
Chaitra, Krishna Chaturthi
Start - 02:06 PM, March 31
Ends - 10:59 AM, April 01
 
Heavy Sankashti Chaturthi
April 30, 2021, Friday
Moonrise - 10:40 PM
Vaisakh, Krishna Chaturthi
Start - 10:09 PM, April 29
Ends - 07:09 PM, April 30
 
Ekadant Sankashti Chaturthi
May 29, 2021, Saturday
Moonrise - 10:27 PM
Jyeshtha, Krishna Chaturthi
Start - 06:33 AM, May 29
Ends - 04:03 AM, May 30
 
Krishnapingal Sankashti Chaturthi
June 27, 2021, Sunday
Moonrise - 09:58 PM
Ashada, Krishna Chaturthi
Start - 03:54 PM, June 27
Ends - 02:16 PM, June 28
 
Gajanan Sankashti Chaturthi
27 July 2021 Tuesday
Moonrise - 09:52 PM
Shravan, Krishna Chaturthi
Start - 02:54 AM, July 27
Ends - 02:28 AM, July 28
 
Herumb Sankashti Chaturthi, Bahula Chaturthi
August 25, 2021, Wednesday
Moonrise - 08:56 PM
Bhadrapada, Krishna Chaturthi
Start - 04:18 PM, August 25
Ends - 05:13 PM, August 26
 
Vighnaraj Sankashti Chaturthi
September 24, 2021, Friday
Moonrise - 08:33 PM
Ashwin, Krishna Chaturthi
Start - 08:29 AM, September 24
Ends - 10:36 AM, September 25
 
Vakratund Sankashti Chaturthi, Karva Chauth
October 24, 2021, Sunday
Moonrise - 08:26 PM
Karthik, Krishna Chaturthi
Start - 03:01 AM, October 24
Ends - 05:43 AM, October 25
 
Ganadhip Sankashti Chaturthi
November 23, 2021, Tuesday
Moonrise - 08:46 PM
Margashirsha, Krishna Chaturthi
Start - 10:26 PM, November 22
Ends - 12:55 AM, November 24
 
Akhurath Sankashti Chaturthi
December 22, 2021, Wednesday
Moonrise - 08:30 PM
Paush, Krishna Chaturthi
Start - 04:52 PM, December 22
Ends - 06:27 PM, December 23


24 January 2020

संकष्टी चतुर्थी व्रत के दिन चन्द्रोदय का समय | Chand Nikalne ka Time | सकट चौथ कब है 2020?

संकष्टी चतुर्थी व्रत के दिन चन्द्रोदय का समय | Chand Nikalne ka Time | सकट चौथ कब है 2020?

sankashti chaturthi ka chand kab niklega
chand kitne baje niklega

🌷 विघ्नों तथा मुसीबते दूर करने के लिए 🌷

👉 कृष्ण पक्ष की चतुर्थी।
🙏🏻 शिव पुराण में आता है कि प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (पूनम के पश्चात) के दिन प्रातः श्री गणेशजी का पूजन करें तथा रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें तथा ये मंत्र बोलें :
🌷 ॐ गं गणपते नमः ।
🌷 ॐ सोमाय नमः ।

 ‪🌷 चतुर्थी तिथि विशेष 🌷

🙏🏻 चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेशजी हैं।
📆 हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती हैं।
🙏🏻 पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।
🙏🏻 शिवपुराण के अनुसार महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥
➡ “ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली तथा एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।

🌷 कोई कष्ट हो तो 🌷

🙏🏻 हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट तथा समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |
👉🏻 छः मंत्र इस प्रकार हैं
🌷 ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।
🌷 ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तोभैरव देख दुष्ट घबराये ।
🌷 ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।
🌷 ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है तथा अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । तथा जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।
🌷 ॐ अविघ्नाय नम:
🌷 ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:
हिन्दु के अनुसार प्रत्येक चंद्र मास में दो चतुर्थी होती हैं। सनातन हिन्दू ग्रन्थों के अनुसार चतुर्थी तिथि भगवान गणेश की तिथि हैं। अमावस के पश्चात आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी कहते हैं तथा पूर्णिमा के पश्चात आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं।
चतुर्थी के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें तथा रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें तथा ये मंत्र बोलें :
🌷 ॐ गं गणपते नमः ।
🌷 ॐ सोमाय नमः ।

‪🌷 चतुर्थी तिथि विशेष 🌷

🙏🏻 चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेशजी हैं।
📆 हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो #चतुर्थी होती है।
🙏🏻 पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।
🙏🏻 शिवपुराण के अनुसार महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥
➡ “ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली तथा एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।
  
संकष्टी चतुर्थी व्रत 2020 चन्द्रोदय का समय
13 जनवरी 2020
सोमवार
संकष्टी चतुर्थी - सकट चौथ
चन्द्रोदय 20:47

12 फरवरी 2020
बुधवार
संकष्टी चतुर्थी
चन्द्रोदय 21:43

12 मार्च 2020
गुरुवार
संकष्टी चतुर्थी
चन्द्रोदय 21:32

11 अप्रैल 2020
शनिवार
संकष्टी चतुर्थी
चन्द्रोदय 22:26

10 मई 2020
रविवार
संकष्टी चतुर्थी
चन्द्रोदय 22:12

08 जून 2020
सोमवार
संकष्टी चतुर्थी
चन्द्रोदय21:50

08 जुलाई 2020
बुधवार
संकष्टी चतुर्थी
चन्द्रोदय21:58

07 अगस्त 2020
शुक्रवार
संकष्टी चतुर्थी, बहुला चतुर्थी
चन्द्रोदय 21:41

05 सितम्बर 2020
शनिवार
संकष्टी चतुर्थी
चन्द्रोदय 20:45

05 अक्तूबर 2020
सोमवार
संकष्टी चतुर्थी
चन्द्रोदय 20:26

04 नवम्बर 2020
बुधवार
संकष्टी चतुर्थी, करवा चौथ
चन्द्रोदय 20:31

03 दिसम्बर 2020
गुरुवार
संकष्टी चतुर्थी
चन्द्रोदय 20:10