08 March 2019

मुंडन मुहूर्त 2019 | मुंडन के लिए शुभ समय शुभ दिन | Mundan Muhurat 2019 | चौलमुंडन | चूड़ाकरण संस्कार

मुंडन मुहूर्त 2019 | मुंडन के लिए शुभ समय शुभ दिन | Mundan Muhurat 2019 | चौलमुंडन | चूड़ाकरण संस्कार

mundan muhurat 2019
mundan sanskar muhurat 2019
सनातन हिन्दू धर्म में जन्म के पश्चात प्रत्येक शिशु के गर्भकाल के बाल उतारने की परंपरा हैं, जिसे मुंडन संस्कार कहा जाता हैं। बालकों का मुण्डन 3, 5 तथा 7 आदि विषम वर्षों में किया जाता हैं। वहीं बालिकाओं का चौल कर्म (मुण्डन) संस्कार सम वर्षों में किया जाता हैं। हालांकि कुल परंपरा के अनुसार बच्चों का मुण्डन 1 वर्ष की आयु में भी किया जाता हैं।

Mundan-Muhurat-2019
Mundan-Muhurat-in-2019
मुंडन को लेकर हिन्दू धार्मिक मान्यता हैं कि पूर्व जन्मों के ऋणों से मुक्ति के उद्देश्य से जन्मकालीन केश काटे जाते हैं। वहीं वैज्ञानिक दृष्टि के अनुसार जब बच्चा माँ के पेट में होता हैं तो उसके सिर के बालों में बहुत से हानिकारक बैक्टीरिया लग जाते हैं जो जन्म के पश्चात धोने से भी नहीं निकल पाते हैं अतः बच्चे के जन्म के 1 साल के भीतर एक बार मुंडन अवश्य कराना चाहिए।

मुंडन मुहूर्त के लिए तिथि, नक्षत्र तथा मास विचार

हिन्दू पंचांग के अनुसार चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ (बड़े बच्चे का मुंडन इस माह में न करें, साथ ही इस माह में जन्म लेने वाले बच्चे का मुंडन भी न करें), आषाढ़ (मुंडन आषाढ़ी एकादशी से पहले करें), माघ तथा फाल्गुन मास में बच्चों का मुण्डन संस्कार कराना चाहिए।
तिथियां में द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी तथा त्रयोदशी मुंडन संस्कार के लिए शुभ मानी जाती हैं।
मुंडन के लिए सोमवार, बुधवार, गुरुवार तथा शुक्रवार शुभ दिन माने गये हैं। वहीं शुक्रवार के दिन बालिकाओं को मुंडन नहीं करना चाहिए।
नक्षत्रों में अश्विनी, मृगशिरा, पुष्य, हस्त, पुनर्वसु, चित्रा, स्वाति, ज्येष्ठ, श्रवण, धनिष्ठा तथा शतभिषा मुंडन संस्कार के लिए शुभ माने गये हैं।
कुछ विद्वानों के अनुसार जन्म मास व जन्म नक्षत्र तथा चंद्रमा के चतुर्थ, अष्टम, द्वादश तथा शत्रु भाव में स्थित होने पर मुंडन निषेध माना गया हैं। वहीं कुछ विद्वान जन्म नक्षत्र या जन्म राशि को मुंडन के लिए शुभ मानते हैं।
द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ, षष्टम, सप्तम, नवम या द्वादश राशियों के लग्न या इनके नवांश में मुंडन शुभ होते हैं।

मुंडन संस्कार के लाभ
मुंडन के संदर्भ में यजुर्वेद में उल्लेख हैं कि, मुंडन संस्कार बल, आयु, आरोग्य तथा तेज की वृद्धि के लिए किया जाने वाला अति महत्वपूर्ण संस्कार हैं।
Mundan-Muhurat-in-2019
Mundan-Muhurat-2019
मुण्डन के प्रभाव से बच्चों को दांतों के निकलते समय होने वाला दर्द अधिक परेशान नहीं करता हैं।
मुण्डन के पश्चात बच्चों के शरीर का तापमान सामान्य हो जाता हैं। इससे मस्तिष्क स्थिर रहता हैं, साथ ही बच्चों को शारीरिक तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ नहीं होती हैं।
जन्मकालीन केश उतारे जाने के पश्चात सिर पर धूप पड़ने से विटामिन डी मिलता हैं। इससे कोशिकाओं में रक्त का प्रवाह अच्छी तरह से होता हैं तथा इसके प्रभाव से भविष्य में आने वाले बाल अत्यंत अच्छे होते हैं।

विशेष: मुंडन संस्कार का शुभ मुहूर्त में संपन्न होना शिशु के लिए लाभदायक तथा कल्याणकारी होता हैं, अतः मुंडन संबंधी मुहूर्त के लिए विद्वान ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें या अपनी कुल परंपरा के अनुसार बच्चों का मुण्डन कराएँ।

21 जनवरी 2019 सोमवार      पूर्णिमा        पुष्य नक्षत्र            07:14 से 10:46 बजे तक

25 जनवरी 2019 शुक्रवार      पंचमी         उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 16:25 से 18:18 बजे तक

30 जनवरी 2019 बुधवार       दशमी         अनुराधा नक्षत्र       16:40 से 18:59 बजे तक

31 जनवरी 2019 गुरुवार        एकादशी     ज्येष्ठा नक्षत्र          09:10 से 17:02 बजे तक

06 फरवरी 2019   बुधवार       द्वितीया       शतभिषा नक्षत्र      07:07 से 09:53 बजे तक

07 फरवरी 2019   गुरुवार        तृतीया        शतभिषा नक्षत्र      07:06 से 12:09 बजे तक

11 फरवरी 2019   सोमवार      षष्ठी           अश्विनी नक्षत्र        07:03 से 18:12 बजे तक

15 फरवरी 2019   शुक्रवार      दशमी         मृगशिरा नक्षत्र       07:27 से 20:13 बजे तक

04 मार्च 2019     सोमवार      त्रयोदशी      श्रवण नक्षत्र          06:44 से 16:29 बजे तक

19 अप्रैल 2019   शुक्रवार      पूर्णिमा        चित्रा नक्षत्र           06:02 से 16:42 बजे तक

29 अप्रैल 2019   सोमवार      दशमी         शतभिषा नक्षत्र      05:43 से 08:51 बजे तक

02 मई 2019       गुरुवार        त्रयोदशी      उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र 13:02 से 19:50 बजे तक

09 मई 2019       गुरुवार        पंचमी         आर्द्रा नक्षत्र          15:17 से 19:00 बजे तक

10 मई 2019       शुक्रवार      षष्ठी           पुनर्वसु नक्षत्र         05:34 से 19:06 बजे तक

16 मई 2019       गुरुवार        द्वादशी        हस्त नक्षत्र            08:15 से 19:08 बजे तक

20 मई 2019       सोमवार      द्वितीया       ज्येष्ठा नक्षत्र          05:28 से 20:58 बजे तक

24 मई 2019       शुक्रवार      षष्ठी           उत्तराषाढ़ा नक्षत्र    07:30 से 20:42 बजे तक

30 मई 2019       गुरुवार        एकादशी     रेवती नक्षत्र           05:24 से 16:38 बजे तक

31 मई 2019       शुक्रवार      द्वादशी        अश्विनी नक्षत्र        17:17 से 20:15 बजे तक

06 जून 2019       गुरुवार        तृतीया        पुनर्वसु नक्षत्र         05:23 से 09:55 बजे तक

07 जून 2019       शुक्रवार      चतुर्थी        पुष्य नक्षत्र            07:38 से 18:56 बजे तक

12 जून 2019       बुधवार       दशमी         हस्त नक्षत्र            06:06 से 19:28 बजे तक

17 जून 2019       सोमवार      पूर्णिमा        ज्येष्ठा नक्षत्र          05:23 से 10:43 बजे तक

27 जून 2019       गुरुवार        दशमी         रेवती/अश्विनी नक्षत्र 05:44 से 11:55 बजे तक

28 जून 2019       शुक्रवार      दशमी         अश्विनी नक्षत्र        05:51 से 09:12 बजे तक

03 जुलाई 2019   बुधवार       प्रतिपदा       पुनर्वसु नक्षत्र         06:30 से 14:42 बजे तक

04 जुलाई 2019   गुरुवार        द्वितीया       पुनर्वसु/पुष्य नक्षत्र  15:17 से 16:02 बजे तक

10 जुलाई 2019   बुधवार       अष्टमी        चित्रा नक्षत्र          07:14 से 10:46 बजे तक

11 जुलाई 2019   गुरुवार        दशमी         स्वाति नक्षत्र         07:30 से 10:43 बजे तक

04 अक्तूबर 2019  शुक्रवार      दशमी         ज्येष्ठा नक्षत्र          05:41 से 08:51 बजे तक

17 जनवरी 2020 शुक्रवार      सप्तमी         चित्रा नक्षत्र          06:06 से 12:09 बजे तक

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